vegetables name in hindi growing February

vegetables name in hindi growing February

Vegetables name in hindi growing February | आज के ब्लॉग में फरवरी में उगाई जाने वाली Vegetables के Name और कौन कौन सी Vegetables है जिनके लिए फरवरी में ही तैयारी शुरू कर दी जाती है । कैसे तैयारी करते है । कौन कौन सी सामग्री की आवश्यकता होगी । ये सब बातें जान ने के लिए आप इस लेख को जरूर पढ़ें ।

8 सब्जियों के नाम फरवरी में ही करे तैयारी vegetables name in hindi growing February

  1. लोकी
  2. कददू
  3. खीरा
  4. ककड़ी
  5. तोहरी
  6. करेला
  7. खरबूज
  8. तरबूज

vegetables name in hindi
vegetables name in hindi growing February
  • कीटनाशकों के 8 खतरनाक दुष्प्रभाव मानव शरीर पर – यहाँ जाने
  • स्टेविआ की खेती से 10 लाख सालाना आमदनी – यहाँ जाने
  • धनिया की खेती सिर्फ 45 दिन में लाखों की आमदनी – यहाँ जाने
  • विश्व की नंबर 1 ट्रेक्टर कंपनी के बारे में – यहाँ जाने

कैसे करें तैयारी – How To Prepare

ये सब बेल वाली सब्ज़ियाँ है । जिनको गर्मी के मौसम में भरपूर मात्रा में उगाया जाता है । गर्मी के मौसम में ये सब सब्ज़ियाँ भली भांति फैलती फूलती है ।

लेकिन फरवरी के हल्के ठंडे मौसम में इनकी नर्सरी  तैयार करके अगेती फसल प्राप्त कर सकते है ।

आवश्यक सामग्री -Materials Required (vegetables name in hindi)

  • सब्जियों के बीज,
  • प्लास्टिक की थैलियां या कागज से बने डिस्पोजल कप,
  • नारियल की भूसी या बारीक कटी हुई पराली,
  • पूरी तरह से तैयार गोब्बर की खाद या कंपोस्ट खाद,
  • नीम का तैल या फफूँद नाशक कोई जैविक रसायन,
  • बीज को उगाने के लिए कोई बंद कमरा ये कोई भी ऐसी जगह जो छत के नीचे हो।

बस इन सब चीजों का सही से प्रबंध करने के बाद आपको करना है सबसे पहला काम ।(vegetables name in hindi)

बीजों का सही चुनाव -Correct choice of seeds

सबसे पहले तो आपको इन सब सब्जियों के लिए बीज का चुनाव करना होगा । सही किस्म का बीज चुनाव पहले कदम को पूरा कर देता है । इसके लिए आप अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से भी सहायता ले सकते है ।

मिश्रण तैयार करना -Preparation of mixture

नारियल की भूसी या पराली जो चीज़ आपको आसानी से उपलब्ध हो जाये । फिर जितनी मात्रा में आपको बीज उगाने है उसके अनुसार भूसी को एक ढेर के रूप में जमीन पर इकठा करले । ध्यान रहे भूसी को सीधा जमीन के संपर्क में नही लाना है, कोई बड़े आकार का कपड़ा या पन्नी का उपयोग करें ।

मिश्रण के लिए आपको 60% हिस्सा भूसी का लेना है, ओर 40% खाद इसकी एक ढ़ेरी बना कर उसके उपर नीम तेल को डाले ताके आपका ये मिश्रण रोग मुक्त हो जाये । उसके बाद आपका अगला कदम होगा

थैली में मिश्रण को भरना -Filling mixture in bag

अपनी आवश्यकता के अनुसार आपको जितनी भूमि पे पौधरोपण करनी है उसके अनुसार थैली या डिस्पोजल में मिश्रण को भरे । ध्यान रहे मिश्रण को दबाकर नही भरना है हल्के स्वभाव में ही रखना है ।

बीज बुआई -Seed sowing

तैयार की गयी थैलियों में बीज बोने के समय ध्यान दे कि बीज को दबाये नही आपको बीज सिर्फ ऊपर रखने है और फिर उनको ढकने के लिए थोड़ा सा मिश्रण उपयोग में लाये । ऐसा इसलिए करते है, क्योंकि जब बीज अंकुरित होते है तो उनमें इतनी ताकत नही होती कि वो किसी सख्त चीज़ को हटा सके ।

स्थान – place (vegetables name in hindi)

बुआई विधि पूरी करने के बाद सभी थैलियों को उठा कर उनके सही स्थान पर रख दें । ऐसी जगह का चुनाव करें जहां ठंड के प्रभाव कम हो । कोई ऐसा कमरा जो बन्द सा हो । जहां का तापमान बाहर के तापमान से ज्यादा हो ।

सिंचाई – Irrigation (vegetables name in hindi)

अब बारी आती है सिंचाई की इन बीजों को उगाने के लिए आपको सिंचाई का विशेष ध्यान रखना होगा । सिंचाई के लिए साफ पानी को उपयोग में लाये । पानी को सिर्फ छिड़कना है पूरा नही भरना । बीज के अंकुरित होने तक  उसमे नमी बनाए रखे । उसके बाद आवस्यकता के अनुसार पानी की मात्रा कम या ज्यादा हो सकती है ।

फायदे – advantages (vegetables name in hindi)
  • इस विधि के द्वारा आप को सिर्फ 22 दिन में पौधा तैयार मिलेगा रोपाई के लिए ।
  • दूसरी विधियो के मुकाबले फसल पे फल जल्दी तैयार होता है ।
  • बाजार में सब्जी का भाव ज्यादा भाव मिलेगा
  • सब्जी रोग मुक्त रहेगी
  • पानी की बचत होती है ।
  • पौध आपकी देख रेख में अच्छी तरह से तैयार होती है ।

सावधानियां – Precautions(vegetables name in hindi)

  1. पौध तैयार करने के लिए शुद्ध पानी को ही उपयोग में लाये ।
  2. बीज को दबा कर न लगाएं ।
  3. थैली में पानी की मात्रा अधिक न होने दें ।
  4. अधिक ठंड वाले वातावरण में थैलियों को न रखे ।
  5. हो सके तो कार्य कक्ष को थोड़ा गर्म रखे ।
  6. चूहों से बीजो का बचाव करें ।
  7. रोजाना बीजो का निरीक्षण करें ।
  8. पानी का छिड़काव सही समय पर करें ।
  9. जब बीज अंकुरित हो जाये हफ्ते में एक बार agri82 के घोल को पानी में जरूर मिलाये ।
  10. किसी किस्म का रोग या किट नजर आने पर नीम के तेल का छिड़काव करें

इस विधि से तैयारी करके आप उस वक़्त फल लेने लग जाओगे जब तक पारंपरिक ढंग से की गई खेती में पौधे ही तैयार होने लग रहे होते है । ऐसी स्थिति में बाजार में सब्जियों की आवक भी कम ही होती है जिसके कारण आपको अच्छा भाव मिलेगा और आमदनी भी अधिक होगी ।

निष्कर्ष – Conclusion (vegetables name in hindi)

vegetables name in hindi growing February | यहाँ आपको 8 ऐसी सब्जियों की फसल के बारे में बताया गया है जिनको आप फरवरी के माह में नरसरी तैयार करके अगेती फसल से अच्छी आमदनी कर सकते है। अगर आपका कोई भी सवाल या सुझाव है तो comment बॉक्स के माध्यम से हम तक पहुंचाए।

Agriculture Tech in India | आपके लिए ऐसी विशेष प्रकार की कृषि खेती से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराता है । किसी भी प्रकार के कृषि से जुड़े सवाल करने के लिए या सुझाव देने के लिए आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से संपर्क करें ।

हमारे द्वारा बनाये गए whatsapp group में भी सदस्य्ता ले ताकि आपको नई जानकारी आसानी से प्राप्त हो ।

Leave a Comment