Stevia plant cultivation of Rs 10 lakh annual income

Stevia plant cultivation of Rs 10 lakh annual income

Stevia plant cultivation of Rs 10 lakh annual income | स्टेविया की खेती करके 10 लाख रुपये सालाना कमा सकते है किसान। कैसे करें Stevia plant cultivation-स्टेविया की खेती, कितनी पैदावार होगी, कौन कौन से तत्वों का इस्तेमाल होगा, खेत का चुनाव कैसे करना होगा, फसल के लिए कितना खर्च करना होगा। इस प्रकार की बत्तों के बारें में जानकारी आपको मिलेगी इस लेख को पूरा पढ़ने पर। 

Stevia plant cultivation of Rs 10 lakh annual income

ये एक ऐसी औषधि जिसका पूरा का पूरा पौधा काम में लाया जा सकता है, स्टेविया के जड़ तने और पतियों को पूरी तरह से उपयोग किया जाता है। ये एक बेमिशाल औषधिय पौधा है जो की स्वाद में शकर से 30 गुना ज्यादा मीठा होता है और ये इसका क़ुदरतीय गुण है। 

स्टेविया एक कैलोरी मुक्त ओषधिय पौधा है, इसमें पाए जाने वाले तत्वों में इन्सुलिन की मात्रा का संतुलन बनाये रखने की क्षमता है। इस गुण के कारण स्टेविया मधुमेय के रोगियों के लिए वरदान है।

एंटी वायरल व एंटी बैक्टीरियल ओषधिया पौधा होने की वजह से स्टेविया मसूड़ों और दांतो के लिए भी लाभदायक है। 

15 मिनरल्स और विटामिन से भरपूर स्टेविया 400 सालों से उपयोग में लाया जा रहा है। 

स्टेविया की पतियों को आप घरेलू बाजार में बड़ी आसानी से बेच सकते है।

आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली कंपनियां भी स्टेविया की खरीद के लिए सीधा किसान से संपर्क रखती है, और घरेलू बाजार से भी ज्यादा मुनाफा किसान को देती है। 

एक एकड़ भूमि में स्टेविआ की पैदावार और मुनाफा का वर्णन | Stevia plant

भूमि पी.एच.समय पैदावार न्यूनतम मूल्य आमदनी 
दोमट 6-7 एक साल 70 किवंटल
      यानि
(7000 किलो)
150 रुपये
प्रति किल्लो 
7000 X 150=
10 लाख 50 हैजार 

यहाँ मैंने आपको न्यूनतम पैदावार और न्यूनतम मूल्य के अनुसार टेबल बनाकर वर्णन किया है। आप बड़े आराम से अधिक से अधिक आमदनी कर सकते हो। 

आइये जान लेते है किसान भाई कैसे Stevia cultivation-स्टेविया की खेती कर सकते है। 

Stevia plant | 12 मासि व पांच वर्षीय फसल

 Stevia cultivation-स्टेविया की खेती किसी भी मौसम में कर सकते है। ये एक 12 मासि फसल है। 

इसकी पौध रोपाई का सही समय फरवरी और मार्च का महीना है। 

बारिश के मौसम में कभी भी स्टेविया की रोपाई न करे। 

पांच वर्षीय फसल स्टेविया :- जी हाँ किसान भाइयों यहाँ आप एक बार पौधा रोपाई करके पूरे पांच साल तक मुनाफा ले सकते है। स्टेविया एक ऐसा पौधा है जो पांच साल तक आपको पत्तियां देता रहता है। उसके साथ साथ मुनाफा भी बढ़ता है। 

Farm selection | खेत का चयन

गेंहूं की फसल की तैयारी से लेकर कटाई तक पूरी जानकारी यहाँ उपलब्ध है। 

किसान भाई साधारण फसलों को आसानी से ऊगा सकते है जिनकी खेती वो बरसों से करते चले आ रहे है। लेकिन ये कुछ नयी फसले ऐसी होती है जिनके बारे में पहले जानकारी लेना ही उचित रहता है। जैसे की फसल के लिए मिट्टी कैसी चाहिए, खेत कैसे तैयार करें और भी बहुत से बातें। आइये जान लेते है।

मिट्टी :- स्टेविया की फसल के लिए रेतीली दोमट मिट्टी उत्तम रहती है। लेकिन यहाँ ध्यान देने वाली बात है के इसका पी.एच. 6-7 के बीच ही होना चाहिए।

क्षारीय मिट्टी भी स्टेविया की फसल के लिए सही नहीं है। 

खेत का चुनाव :- स्टेविया की फसल के लिए खेत में पानी का ठहराव हानिकारक साबित होता है। इसलिए खेत का चुनाव करते समय इस बात का ध्यान रखे के खेत या तो आस-पास के खेतों से ऊंचाई पर हो या फिर खेत में पानी की निकासी के लिए सुविधा उपलब्ध हो। 

तापमान न्यूनतम और अधिकतम :- न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 45 डिग्री सेल्सियस तापमान ही स्टेविया की फसल को लाभ देता है। 

अगर तापमान 0 डिग्री सेल्सियस है या बारिश अधिक मात्रा में होती है, तो ऐसे क्षेत्र Stevia cultivation-स्टेविया की खेती के लिए सही नहीं है। 

भारत में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड, झारखंड जैसे क्षेत्रों में Stevia cultivation-स्टेविया की खेती की जा रही है। 

 खेत की तैयारी 

स्टेविया की फसल के लिए खेत का चुनाव करने के बाद खेत की तैयारी कैसे करनी है जान लेते है। 

खाद :- खेत की तैयारी के वक़्त 80 से 90 किवंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद डाले या फिर 200 किवंटल सड़ी हुए गोब्बर की खाद डाले। 

जुताई :- खेत को अच्छी तरह से हैरो या रोटावेटर के साथ जोते जुताई के बाद मिट्टी में पहली फसल के अवशेष नही रहने चाहिए। 

मेड़ बनाये :- जुताई के बाद स्टेविया की पौध रोपाई के लिए खेत में मेड़ बना ले क्यूंकि स्टेविया की फसल के लिए मेड बना कर फसल लेना सबसे अच्छी विधि बताई गयी है। 

मेड की ऊंचाई 15cm. चौड़ाई 2 फीट रखे मेड से मेड की दुरी डेढ़ फ़ीट  

ऐसे आपको स्टेविया की फसल के लिए खेत की तैयारी करनी है। 

Stevia varieties | स्टेविया की किस्मे 

मिठी स्टेविया और मधु स्टेविया इसकी सबसे अच्छी किस्मे है। इसके अलावा भारतीय अनुसन्धान परिषद MDS 13, MDS 14 ये दो प्रकार की किस्मे निकाली है। 

स्टेविया की पौध रोपाई एक एकड़ भूमि के लिए 

आपने जो मेड बनाये है। उन पर अब स्टेविया की पौधा रोपण की बारी है। आपको एक दम शुद्ध पौधों का चुनाव करना चाहिए जिनमे कोई रोग न हो पौधा तंदरुस्त दीखता हो। 

एक एकड़ के लिए पौधों की संख्या :- ये एक बहुत जरूरी बात है पैदावार लेने के लिए पौधों की संख्या का विशेष ध्यान रखे।

एक एकड़ में स्टेविया की फसल तैयार करने के लिए आपको 55 हैजार पौधों की आवश्यकता होगी। इसके लिए आपको विशेष प्रबंध करना है।  

पौधे से पौधे की दूरी लाइन से लाइन की दुरी 
20 से लेकर 25 cm.40 cm. 

Things related to irrigation | सिंचाई से जुडी बातें

स्टेविया का पौधा सूखा नहीं झेल सकता इसलिए सिंचाई का विशेष ध्यान रखना है। सिंचाई का पालन  सही तरिके से करना होगा। 

पहली सिंचाई पौधा रोपण से 7 दिन के अंतर पर  कर दे अगर मौसम ठण्ड का है तो पौधा रोपण से  10 दिन का अंतर रख कर पहली सिंचाई करे। 

फुवारा विधि के द्वारा सिंचाई करना बेहद फायदे मंद रहता है।

Nutrients per acre | पोषक तत्व प्रति एकड़ के लिए

पोषक तत्व मात्रा 
नइट्रोजन 110 किलो 
फास्फोरस 45 किलो 
पोटाश 45 किलो 

रोग :- स्टेविया की फसल रोग मुक्त फसल है औषधीय पौधा होने के कारण स्टेविया में किसी भी तरह का कोई रोग नहीं लगता। 

स्टेविया की फसल के लिए हमेशा कम्पोस्ट व आर्गेनिक खाद का ही इस्तेमाल करें। 

Harvesting and precautions | कटाई और सावधानिया

Stevia plant cultivation of Rs 10 lakh annual income
Stevia plant cultivation of Rs 10 lakh annual income

कटाई :- जब आपको लगे की अब पौधे  पूरी तरह से पतियों से भर गए है और ऐसा आपके पौधा रोपण से 3 या 4 महीने के अंतराल पे हो जाता है।  

 इस प्रकार आप एक साल में तीन से चार बार स्टेविया के पौधे से पत्तियां प्राप्त कर सकते है 

सावधानिया :- रोपाई के बाद एक महीने का पौधा होने पर उसकी छटाई कर दे और छटाई के समय जो पत्तियां पौधे से प्राप्त होती है। उन पतियों को सुखा कर रखले।

छटाई करने से पौधे पे आने वाली पतियों की मिठास बढ़ेगी। 

तोड़ी गयी पतियों को हमेशा छाया में ही सुखाये ऐसा करने से गुणवत्ता बनी रहती है 

 अगर आपको पौधों में फूल नजर आए तो उनको तुरंत तोड़ देना है क्यूंकि ये पतियों की मिठास को कम कर सकते है। 

40 डिग्री से 45 डिग्री तापमान में पत्तियां 4 दिन में ही सुख जाती है। 

सूखने के बाद पतियों को air tight पन्नी में डाल ले ऐसा करने से पत्तियां नमी से बची रहती है। 

केवल पतियों को पन्नी में डाले डंठलों को अलग रखे। 

ध्यान दे की पतियों में कोई किट न लगा हो। 

dhaniya sirf 45 din ki kheti amdni lakhon rupaye

आवश्यक सुचना | Stevia plant

स्टेविया की पतियों को सीधे इस्तेमाल में लाया जाता है। मिठास प्राप्त करने के लिए और औषधीय रूप में इसलिए पतियों पर किसी प्रकार के कीटनाश का प्रयोग न करे अन्यथा इसकी पतियों का सेवन करने वाले मनुष्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।  

स्टेविया की खेती पर होने वाला खर्च

पहले साल में होने वाला खर्च का विवरण 

सूचि संख्या मूल्य कुल मूल्य 
पौधे 55,000 3.51,92,500 
रसायन 2000 
पौधा सुरक्षा पदार्थ2000 
श्रम व अन्य खर्च15000 
सिंचाई3000 
यातायात व अन्य खर्च10,000 
कुल खर्च 2,24,500 

दूसरे, तीसरे, चौथे, पांचवे साल में यह खर्च घट कर 32,000 हैजार रुपये सालाना के करीब आ जाता है।  

यहाँ  मैं आपका ध्यान केंद्रित करना चाहूंगा स्टेविया की फसल को बाजार में बेचने को लेकर। स्टेविया एक औषधीय पौधा है। इसका इस्तेमाल बहुत सी चीज़ों को बनाने में किया जाता है। 

जैसे की:-  स्टेविया की पतियों का पाउडर, टेबलेट, तरल और बहुत से और्वेदिक दवाईओ में इसका इस्तेमाल किया जाता है। 

इस लिए किसान यहाँ कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से फसल की पैदावार करते है और पैसा कमाते है। 

बिना खरीदार के स्टेविया  पर मेहनत करना बेकार है। इसके लिए आपके पास खरीदार का होना आवश्यक है। नहीं तो इस फसल की खेती न करें। 

कृषि उपकार रोटावेटर के बारें में सर्वोतम जानकारी 

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9 thoughts on “Stevia plant cultivation of Rs 10 lakh annual income”

    1. जैसे ही मुझे इसके बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त होती है मैं आप तक पहुंचा दूंगा। इसकी बिक्री को लेकर आप अपने नजदीकी कृषि केंद्र में संपर्क कर सकते हैं।

    1. बीज के लिए आप अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र में संपर्क करे

  1. स्टीविया काफी महंगा है और इसका रिप्रोडक्शन कैसे होता है कृपया बताएं ताकि 1 साल में इसका बीज बनाकर अगले साल में प्रोडक्शन कर किया जा सके
    मो ८५०५८४४७७१

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