Rose flowers farming give big income

rose flowers

Rose flowers farming give big Income | कैसे आप गुलाब के फूलों की खेती करके लाखों का मुनाफा कमा सकतें है। इसके बारे में जानकारी के लिए इस लेख को पूरा पढ़ें।

गुलाब अपने रूप रंग और सुगंध की वजह से पूरे विश्व मे प्रसिद्ध है । कहीं गुलाब प्रेम का प्रतीक बनता है तो कही दोस्ती का कही गुलाब सुंदरता को बढ़ाता तो कही महक से वातावरण को महकता है ।

बहुत से गुणो को खुद में अपनाये हुए गुलाब की मांग भी उसके गुणो की तरह ही है बहुत अधिक ।

गुलाब का वैज्ञानिक नाम रोजा है और इसके परिवार की पहचान रोजेसी शब्द से होती है । पूरे विश्व

मे गुलाब के फूलों और गुलाब के तेलों की बहुत बड़ी मांग है । अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुलाब को प्रथम स्थान प्राप्त है ।

आमतौर पर गुलाब के पौधे की लंबाई जमीन से 6 फूट तक हो जाती है । भारत मे गुलाब की खेती महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक की जाती है ।

kaise Kare Gulab ki kheti

व्यावसायिक रूप से गुलाब की खेती की कामयाबी उसकी क़िस्मों पर निर्भर करती है । आधुनिक तकनीकी दौर में खेती के लिए विभिन प्रकार उपलब्ध है । जिनके द्वारा खेती करके किसान ज्यादा उपज वो भी कम खर्च में ले सकता है ।

ग्रीनहाउस तकनीक के द्वारा गुलाब की खेती करना बहुत अधिक फायदेमंद माना गया है । इस विधि के द्वारा फूलो की पहचान अलग ही बनती है ।

गुलाब के पौधों और फूलो को ओर भी बहुत सी विधियों के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है ।

जैसे कि :-

  • खुले क्षेत्र
  • ग्रीनहाउस
  • पॉलीहाउस
  • इंडोर
  • छत पर

आइ ये जानते है गुलाब की खेती के लिए किसी जलवायु पर्याप्त मानी गयी है ।

Climate for rose farming | जलवायु

वैसे तो गुलाब के पौधे को आप हर तरह की जलवायु में उग्गा कर फूल प्राप्त कर सकते है । लेकिन वैज्ञानिक ढंग से अगर खेती करने जा रहे है तो नियमो का पालन करना बेहद जरूरी है ।

15℃ से 30℃ तक का तापमान गुलाब के खेती के लिए अनुकूल माना गया है । गुलाब के पौधे को दिन में 6 घंटे की धूप मिलनी आवश्यक है ।

मृदा की स्थिति – Soil condition Rose Flowers farming

6 से 6.5 PH गुणवत्ता वाली मिट्टी व्यावसायिक रूप से गुलाब की खेती के लिए उत्तम मानी गयी है।

रेतीली दोमट मृदा जिसकी उच्च कार्बोनिक पदार्थों वाली गुणवत्ता हो गुलाब के खेती के लिए

प्राथमिक दी गयी है । क्योंकि इस प्रकार की मिट्टी में गुलाब के पौधे अच्छी तरह से विकसित होते है।

Land preparation | भूमि की तैयारी

चाहे कोई भी फसल हो अच्छी उपज के लिए सबसे पहला कदम भूमि की तैयारी पर निर्भर रहता है

भूमि की तैयारी में खेत की जुताई से पहले 300 या 400 क्विंटल सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी

कंपोस्ट खाद एक एकड़ भूमि के लिए उपयोग करे खेत की अच्छी तरह से जुताई करले ताकि पिछली फसल के अवशेष ओर खरपतवार मिट्टी में

मिलकर नष्ट हो जाये । खेत को तीन या चार बार अच्छी तरह से जोते ताकि मिट्टी के उपजाऊ अंश पूरी तरह से सतह पर आ जाये ।

Rose Flowers varieties | गुलाब की किस्में

पूरे विश्व में गुलाब की कई प्रकार की किस्में देखने को मिलती है । इनके रंग भी भिन्न होते है । गुलाब

की व्यावसायिक किस्में जिनका पूरे साल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फूलो के बाजार में अच्छी मांग रहती है ।

भारत मे गुलाब की किस्में इस प्रकार है ।

  1. मिनिएचर रोजेज: इसे बेबी गुलाब या परी गुलाब के नाम से भी जाना जाता है । यह मुख्य रूप से गुलदस्ते बनाने और सजावट में उपयोग किया जाता है । यह पॉट और छतों या फिर बालकनियों की सोभा बढ़ाने में भी उपयुक्त है ।
  2. फ्लोरिबनडस : इसे हइब्रिड पोलिथेन्स के रूप में भी जाना जाता है । ये सीधे बढ़ते है जिसके कारण इनको पर्वतारोही का नाम भी दिया गया है ।
  3. बोरबॉन रोजेज : इस किस्म को रीयूनियन गुलाब के रूप में भी जाना जाता है ।
  4. चाइना रोज : यह वर्तमान के लोकप्रिय गुलाब कस पूर्वजो के रूप में जाना जाता है ।
  5. पोलिंथस : ये गुलाब आम तौर पर बोने होते है । इनके छोटे छोटे फूलो के विशाल समूह बनते है ।
  6. मल्टीफ्लोरा रामबलर्स : यह राम्बलर्स ग्रुप का है । इसका उपयोग बाढ़ के लिए दीवारों को ढकने के लिए किया जाता है ।

Rose Flowers Farming – नर्सरी की तैयारी

गुलाब के पौधे को दो अलग क्रियाओ द्वारा उगाया जा सकता है बीज के द्वारा और कलम के द्वारा ।

बीज के द्वारा गुलाब के पौधे को उगाने में समय लगता है और बहुत कम उम्मीद होती है बीज से पौधे के निकलने की

सबसे अच्छी और सरल विधि रहेगी कलम से पौधे तैयार करना ।

कलम के द्वारा पौधे तैयार करने के लिए सबसे पहले नर्सरी के लिए जगह निश्चित कर ले फिर निश्चित

जगह की मिट्टी को फंगस से बचने के लिए उपचार करे । उसके बाद तैयार भूमि में 25cm. ऊंचाई

वाले और 2फूट की चौड़ाई वाले बैड तैयार करले । गोबर की खाद या कंपोस्ट खाद जरूर भूमि में

इस्तेमाल करे ये जल्द फुटाव में मदद करेगी ।

बैड पर कलम लगाने के लिए दूरी के विशेष ध्यान रखे

60cm. की दूरी कलम से कलम की बनाये रखे ।

4 से 6 इन्च कलम को भूमि में जाने दे और आस पास की मिट्टी को हल्के से दबा दे ।

सिंचाई का भी विशेष ध्यान रखे नर्सरी में सिंचाई के लिए जल का छिड़काव सबसे बेहतर रहेगा

इसलिए फवारे का इस्तेमाल करके समय समय पर सिंचाई करे । ध्यान रहे नर्सरी में पानी का

ठहराव न हो अधिक पानी आने पर निकशी का विशेष प्रबंध हो ।

इस विधि के द्वारा जल्द ही कलम पौधे का आकार ले लेगी ओर आप खेत में इसकी रोपाई कर सकोगे ।

अगर बाहर से पौधे को ख़रीदते है तो 20 रुपये तक खरीद पड़ सकती है नही तो किस्म पर निर्भर करता है ।

नर्सरी विधि को नवंबर माह से लेकर जनवरी माह तक कभी भी कर सकते है

Implantation rose flowers | एक एकड़ भूमि के लिए रोपण क्रिया

तैयार किये खेत मे रोपाई के लिये पौधे से पौधे की दूरी 2फूट. और लाइन से लाइन की दूरी 3फूट

रखे । रोपाई करने का सही समय दोपहर बाद का रखे रोपाई करने के तुरंत बाद सिंचाई का प्रबंध करे ।

irrigation system | सिंचाई प्रणाली

Technology विज्ञान के इस दौर में सिंचाई के बहुत से तकनीक उपलब्ध है ।

जैसे कि :- Rose Flowers Farming

  1. ड्रीप तकनीक
  2. माइक्रो जेट तकनीक
  3. बेसिन तकनीक
  4. फुवाहरा तकनीक

अन्य फूलो के मुकबाले गुलाब को बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है । गुलाब की खेती के

लिए फुवारा तकनीक काफी कारगर मानी गयी है । इस विधि से गुलाब की फसल पर सिंचाई करने

से बहुत सारे लाभ भी प्राप्त होते है । Rose Flowers Farming

शुरुआत में गुलाब के पौधे को सिंचाई की आवश्यकता 2 या 3 दिन के अंतराल पर पड़ती है उसके

बाद 7 दिन और फिर नमी बनाए रखने की आवश्यकता होती है ।

Rose plant pruning |पौधों की छटाई

फसल में पैदावार लेने ले साथ उसका ख्याल रखना भी एक अहम हिस्सा है । गुलाब के खेती में

पौधों की छटाई एक अहम हिस्सा है जो कि साल में एक बार करना जरूरी है ।

इसके लिए यही समय नवंबर और दिसम्बर माह सही मन गया है ।

गुलाब की छटाई से निकलने वाली सखाओ से आप ओर अधिक पौधौं की नर्सरी भी तैयार कर

सकते है जिसको आप आस पास के या किसी भी इक्छुक किसान को देकर धन कमा सकते है ।

Something special about rose plants | कुछ विशेष बातें गुलाब के पौधे के बारे में

  • गुलाब का पौधा हर मौसम फुल देता है
  • इसकी एक बार रोपाई करने के बाद 15 साल तक आप फूल प्राप्त कर सकते है ।
  • इसकी विशेष किस्म से गुलाब का तेल भी प्राप्त होता है ।
  • गुलाब की सुगंध मन को शांत करके तनाव मुक्त करती है ।
  • रोज वाटर एक औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है ।
  • प्रेम और शांति का प्रतीक है गुलाब ।
  • इसकी पंखुड़ियों के उपयोग से सौंदर्य को निखारा जा सकता है ।
  • गुलाब के पौधे में बीमारी जल्दी नही आती
  • काँटेदार पौधा होने के कारण इसको जंगली जानवर नही खाते ।
  • ये हर प्रकार के मौसम को झेल सकता है ।

Diseases and pests | गुलाब के पौधे में लगने वाले रोग और किट

किट सूची :

  • Aphids
  • Two- spotted mite
  • Thrips
  • Rose Slugs
  • Caterpillars
  • Curculio beetles
  • Japanese beetles
  • Scale insects
  • Leaf cutting bee
  • Nematodes
  • Rose chafer
  • Metallic flea beetles

रोगों की सूची : Rose Flowers Farming

  • Crown gall rot
  • Black spot
  • Powdery mildew
  • Downy mildew
  • Rust
  • Anthracnose
  • Grey mould
  • Verticillium wilt
  • Soory moulds
  • Canker
  • Nematodes
  • Rose mosaic
  • रोज wilt
  • Rose rosette disease

Reference : wikipedia

Solution | उपाय Rose flower

चाहे कुछ भी हो आपको रसायनों का प्रयोग गुलाब के पौधे पर नही करना है ।

सिर्फ जैविक ढंग से तैयार मिश्रण का प्रयोग करके ही रोगों की रोकथाम आसानी से की जा सकती है । उसके लिए

Method of organic pesticides | जैविक कीटनाशक बनाने की विधि (Rose Flowers Farming)

गौमूत्र लेकर उसमें अदरक, लहसुन, नीम का तेल, तम्बाकू, धतूरा के साथ मिलाकर किसी मिट्टी के

घड़े में डाल कर ऐसी जगह पर जमीन में दबाये जहां हर वक़्त छाया रहती हो । फिर पूरे एक माह

के बाद निकाल ले आपको जैविक कीटनाशक तैयार मिलेगा । किसी भी किस्म के रोग और किट को खत्म करने की क्षमता इसमें होती है ।

Rose flower harvesting | गुलाब के फूलों की कटाई

पहले वर्ष में गुलाब के फूलो की पैदावार थोड़ी कम रहती है । जब पौधे पर फूल खिलते है और वो अपना पूरा आकार ले लेते है तो इनको तोड़ लिया जाता है । गुलाब के फूलों का रंग उनकी किस्म के ऊपर निर्भर करता है ।

गुलाब के फूलों को तोड़ने के तुरंत बाद पानी में डाल दिया जाता है ताकि इनकी ताज़गी बरकरार रहे ज्यादा तर फूलों को सुबह जल्दी तोड़ना सही रहता है । व्यावसायिक रूप से फूलों की तोड़ाई बाजार की दूरी पर निर्भर करती है ।

ठंडे स्थान पे रखने के लिए इनको 2℃ से 5℃ तक तापमान की आवश्यकता होती है । आधिक समय तक ताज़ा बनाये रखने के लिए गुलाब के फूल को एक या दो पतों के साथ तोड़े ।

गुलाब के फूलों के तेल की अंतराष्ट्रीय बाजार में कीमत 20 लाख रुपये तक मिलती है और राष्ट्रीय स्तर पर 2.5 लाख से  4 लाख तक

Rose Flowers Farming – खुले गुलाब को बाजार में 2000 रुपये प्रति किल्लो की दर से बेचा जाता है ।

भारत मे गुलाब की खरीद के लिए बड़े बाजार जो प्रसिद्ध है बंगलोर, कोलकता, पूणे और दिल्ली में है ।

Benefits Of Rose Water | गुलाब जल के फायदे

  • आंखों के लिए अमृत माना जाता है गुलाब जल : थकी हुई आंखों को तुरंत राहत देता है गुलाब जल । आंखों के गुलाब जल के इस्तेमाल से आंखों में नई चमक आती है । अगर आप घंटो कंप्यूटर के सामने काम करते है तो गुलाब जल आपका दोस्त साबित हो सकता है ।
  • गुलाब के तेल में एस्ट्रिजेंट : इसमी एस्ट्रिजेंट के अद्भुत गुण होते है जो मसूड़ो ओर बालो की जड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता है । साथ ही यह तवचा की देखभाल, मांशपेशियों में मजबूती, आंतो ओर रक्त वाहिकाओं में भी मदद करता है ।
  • त्वचा की देखभाल : गुलाब जल त्वचा में विषमता पैदा करने के कारण त्वचा की देखभाल के लिए बहुत लोकप्रिय है । यह एक सर्वश्रेष्ठ टोनर के रूप में भी लोकप्रियता रखता है । रोज रात को चेहरे पर लगाने से त्वचा में कसावट आती है ।
  • बालों की देखभाल : इसमें बालो की देखभाल के प्रभावी गुण है । बालो की जड़ों में ब्लड सर्क्युलेशन में सुधार करता है । बालो को मजबूत और लचीला बनाता है । ये एक प्रभावी और प्राकृतिक कंडीशनर भी है ।
  • गुलाब फल : विटामिन ए, बी3, सी, डी और ई से भरपुर होता है गुलाब फल । विटामिन सी की उचमात्रा के कारण गुलाब फल के द्वारा डायरिया का इलाज किया जाता है ।
  • हर्बल चाय : गुलाब जल का इस्तेमाल हर्बल चाय ले रूप में किया जाता है । यह पेट के रोग और मूत्राशय में होने वाले संक्रमण को दूर करने का काम करता है । हर्बल गुलाब चाय एक शांत प्रभाव प्रदान करती है ।

Conclusion | निष्कर्ष Rose Flowers

Rose Flowers Farming Give Big Income | तो देखा आपने कितने फायदे देता है एक गुलाब अब तो आप समझ गए होंगे कि कितना जरूरी है गुलाब की खेती करना और खेती से होने वाली आमदनी का भी आपने अंदाज़ा लगा लिया होगा ।

तो अब देर न करते हुए ये जानकारी अपने प्रिय दोस्तों तक भी पहुंचाओ Share Krke Facebook, twitter, whatsapp माध्यम से ।

“धन्यवाद”

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