Lemon farming किसान हुआ मालामाल

By | 20th December 2018
Lemon farming
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Lemon farming किसान हुआ मालामाल | क्यों करनी चाहिए किसान को निम्बू की खेती। कितनी फायदेमंद है। कैसे इसके लिए खेत को तैयार करें। कौन से पोषक तत्वों की होती है जरूरत। सिंचाई का कैसे रखें ध्यान यही सब जानकारी है इस लेख में इसको पूरा पढ़ें।

why you start Lemon Farming?

आपको निम्बू की खेती क्यों करनी चाहिए आइये समझ लेते है। 

क्यूंकि निम्बू का पौधा गेंहू और जीरी की तरह हर बार नहीं लगया जाता। इसके पौधे को एक बार खेत में रोपण करने के बाद उसकी सुरक्षा ही करनी होती है पूरे 25 सालों के लिए।  

निम्बू की अच्छी किस्म का पौधा बारामासी आपको फल देता रहेगा यानि के आपकी जेब हमेशा नोटों से भरी रहेगी इसमें कोई संदेह नहीं है। 

ये कुदरत के बर्ताव को आंधी और तूफान, बारिश जैसे मौसम को आसानी से झेल सकता है। 

Lemon farming वाले खेत में आप इसके साथ साथ और दूसरी कोई फसल भी+—+ कर सकते है। 

वातावरण को स्वच्छ और मानव शरीर को रोग से लड़ने की शक्ति देता है निम्बू। इसलिए आपको निम्बू की खेती जरूर करनी चाहिए। 

बहुत कम खर्च में अधिक मुनाफा देता है निम्बू 

और भी बहुत से ऐसे कारण हैं जिनको जानने के बाद आप निम्बू की खेती जरूर करेंगे। 

अब बात करते है कैसे करें निम्बू की खेती, किन साधनो की होगी जरूरत, कितना करना होगा खर्च, कितना होगा मुनाफा 

How to the ready field for lemon farming

निम्बू की खेती के लिए खेत की तयारी कैसे करें 

Climate | जलवायु की उचित जानकारी

सबसे पहले जान लेते है की इस प्रकार की खेती को करने के लिए कैसी जलवायु चाहिए 

निम्बू का पौधा हर तरह के मौसम को झेल सकता है। बस सर्द ऋतू में होने वाली अधिक ठण्ड जिसे हम पाला भी कह देते है उसमे ये पौधा किसी भी प्रकार से वृद्धि नहीं करता।

भारत में निम्बू की खेती हर जगह की जा सकती है। 

Soil Health | मिट्टी की सही दशा

निम्बू के पौधे के लिए क्षारीय मिट्टी नुकशान देने वाली है बाकि हर तरह की मिट्टी इसके लिए मान्य है।

मिट्टी का अमल अनुपात  Ph मान 6 से 6.5 तक बेहतर माना गया है। 

दोमट मृदा और मटयार मृदा इसके लिए बहुत फायदा देने वाली है।

 Farm preparation-खेत की तैयारी  

सबसे पहले जिस खेत में आपको निम्बू के पौधे लगाने है उसकी अच्छी तरह से जुताई करें कोई भी खरपतवार या फसल अवशेष न छोड़ें। 

मई के महीने में निम्बू के पौधे लगाना बिलकुल सही रहता है। क्यूंकि गर्मी में ये बहुत अच्छी बढ़त करते हैं और सर्द ऋतू आने तक अधिक ठण्ड सहन करने के लिए सक्षम हो जाते है। 

Lemon farming
Lemon farming business in India

पौधे से पौधे की दूरी 10 या 15 फूट और लाइन से लाइन की दूरी 15 फूट रखे ताकि पौधे को फलने फूलने के लिए सही वातावरण मिल सकें।

पौधे लगाने के लिए उचित बताई गयी दुरी के अनुसार गड्ढे बनाये जिनका आकार (3 x 3 x 3) यानी के 

गड्ढे की चौड़ाईगड्ढे की लम्बाई  गड्ढे की गहराई
3 फूट 3 फूट 3 फूट 

बनाये गए गड्ढे  मिट्टी को बाहर ही निकाल ले और इसमें 20 किल्लो गोबर की खाद या कॉम्पोस्ट खाद मिला दे। 

गडढे को भरते समय 10cm ऊँचा रखे ताकि पानी देने के बाद मिट्टी बैठने पर गड्ढा समतल हो जाये। 

ये तो थी खेत की तैयारी अब  पौधा रोपाई से पहले सावधानियों पर एक नजर डालते है। 

surveillance before planting

पौधा रोपाई से पहले हमें कुछ बातें ध्यान में रखनी होगी। 

जैसे की खाली पड़े गड्ढे को खोद दें फिर उसमे कोई भी दीमक को मरने वाली दवा डालें।

ये दवा डालने से पौधे की दीमक से सुरक्षा होगी और पौधा लम्बे समय तक जीवित रह पायेगा। 

जिस पौधे को आप लगाने जा रहे है उसकी उम्र कम से कम 1 साल होनी चाहिए। 

पौधा स्वस्थ होना चाहिए। Lemon farming

पौधा रोपण करने के तुरंत बाद उसको पानी दें ताकि पौधे की जड़ें मिट्टी में स्थापित हो जाये और अपना काम करना शुरू कर दें। 

Things to note in irrigation for lemon farming

सिंचाई में ध्यान देने वाली बातें 

गर्मियों के मौसम में सिंचाई 5 से 6 दिन के अंतराल पर करें। 

ठण्ड के मौसम सर्दियों में 10 से 15 दिन के अंतराल पे करें जब तक निम्बू का पौधा पूरा आकार न ले। 

फूल आने पर पौधे में सिंचाई का विशेष ध्यान रखें उस वक़्त सिंचाई के तोर पे बिल्कुल हल्का सा पानी पौधे को दें वो भी जरूरत पढ़ने पर। 

Lemon farming Fertilizer – खाद

 खाद का हर तरह की कृषि में विशेष स्थान होता है क्यूंकि ये एक ऐसा साधन है जो निश्चित करता है पौधे की पोषण प्रकिर्या को 

निम्बू के  पौधे की अच्छी पैदावार और बढ़त के लिए एक खास मिश्रण तैयार करें जिसको पौधे में दो  बार में डाले। 

ये खुराक आप पौधे को 3 साल का होने पर शुरू करें। 

गोबर या कॉम्पोस्ट खाद 60 किल्लो ग्राम  
कल्सियम अमोनियम नाइट्रेट 2.5 किल्लो ग्राम 
सिंगल सुपर फॉस्फेट 2.5 किल्लो ग्राम
muriate पोटाश 1.5 किल्लो ग्राम 

यहाँ टेबल के अनुसार दिए गए सभी तत्वों का मिश्रण तैयार करके रखले। 

पहली खुराक जनवरी में निम्बू के पौधे के गड्ढे में मिला दें और तुरंत पानी दें। 

 दूसरी खुराक जैसे ही फूल आएं तब दें और तुरंत पानी दें। 

How to sort – छटाई कैसे करें 

पौधे को सामान आकार देना उसकी सुंदरता और क्षमता को बढ़ावा देता है।

उसके लिए हमें बाहरी साखाओ को काट कर निकालना पड़ता है। जिसको छटाई करना कहते है। 

भूमि से लेकर 45cm ऊंचाई तक कोई शाखा न रखें। 

ऐसा करने से अलग से कोई पौधा नहीं निकलता। 

खरपतवार को नष्ट करे (Lemon farming)

इसके लिए खुरपी के साथ पौधे के थावले में निराई गुड़ाई करके खरपतवार को निकाल दें। 

चौड़ी पत्ती वाली खरपतवार के लिए ग्रैमैक्सथाइरोन 2.5 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से इस्तेमाल करें इससे सारी खरपतवार नष्ट हो जाएगी। 

निम्बू की तुड़ाई  

तोड़ते समय निम्बू फल के साथ उसकी थोड़ी स डाल को भी साथ में तोड़े 

ऐसा करने से निम्बू की गुणवत्ता लम्बे समय तक बनी रहती है। 

सावधानियां 

फल तोड़ते समय डाल को पकड़ कर झटकना नहीं चाहिए। 

ऐसा करने से पौधे की छाल फटने का डर रहता है। जो पौधे को नुकसान पहुंचता है। पौधे में रोग पनपने का खतरा बढ़ जाता  है। 

farmer life style-किसान जीवन शैली के बारे में जाने

Disease kits, symptoms and remedies | रोग किट, लक्षण और उपाय

हर तरह की फसल में रोग और किट का होना आज के समय में आम बात बन चूका है। 

निम्बू की बागवानी भी कुछ खास किस्म के रोगो से प्रभावित है। 

चलिए जान लेते है कौन से रोग है, क्या इनके लक्षण है, उपाय क्या है। 

Disease kit | कैंकर रोग (lemon farming)

रोग की बात करें तो निम्बू के पोधे में सबसे भयंकर रोग है कैंकर नामक रोग 

Symptoms | लक्षण

इस रोग मे शाखा सूखने लगती है पहले एक शाखा सूखती है फिर धीरे धीरे सभी शाखाये सुख जाती है। 

Solution | उपाय 

अगर साख ने सुखना शुरू ही किया है तो उस साख को काट दें।

काटने के वक़्त ध्यान रहे की सूखे हुए भाग से लेकर 18 से 20cm निचे तक काटें।

कटे हुए भाग के ऊपर एंटी फंगस का लेप लगाए। ऐंटी फंगस के लिए आप नीम का तेल इस्तेमाल कर सकते है। ऐसा करने से रोग के लक्षण खतम हो जायेगे।

Disease kit |लीफ माईनर और महू किट

जैसा की नाम से ही पता चलता है ये किट पत्तियों को नुकशान पहुंचाते है।

Solution | उपाय Lemon farming

इन कीटों को नीम के तेल का स्प्रे करके नष्ट किया जा सकता है।

आज जहाँ यूरिया जैसे अन्य फ़र्टिलाइज़र व पेस्टीसाइड्स की वजह से हमारा भोजन विषयुक्त हो चूका है। ऐसे में आर्गेनिक विधि से तैयार खाद्य पदार्थों की मांग अधिक बढ़ चुकी है।

तो जहाँ तक हो सके कोशिश करें की आप भी हर फसल को ऑर्गेनिक विधि से तैयार करें।

ऐसा करने से आपको फसल का मूल्य भी अच्छा मिलेगा और देश भी स्वस्थ बनेगा।

Yield and profit – उपज और लाभ

Lemon farming में उपज काफी हद तक निर्भर करती है मौसम पर फूल आने के समय अगर मौसम सही रहे अधिक तेज़ हवा ना चले ज्यादा बारिश ना हो तो अधिक फल के साथ अधिक मुनाफा कमा सकते है।

एक पौधे से 30 से 50 किलोग्राम तक फल की प्राप्ति हो जाती है और एक पौधा साल में दो बार फल देता है।

Lemon farming के लिए बारामासि किस्म के पौधे पूरा साल फल फूल देते रहते है।

अगर एक पौधे से आपको 50 किलो फल की प्राप्ति हो रही है तो 40 रूपये प्रति किलो के मूल्य से बाजार भाव पे आप सिर्फ एक पौधे से 2000 रूपये आमदनी करोगे।

एक एकड़ में पौधों की संख्याफल किलोग्राम में प्रति किलो बाजार भावआमदनी
400 एक पौधे से फल 50 किलो
400 x 50 = 20,000 किलो
40 रूपये 8 लाख रूपये

उपज और आमदनी के बारे में आप जान गए। अब बात करते है के कौन सी किस्म का पौधा आपको फायदा देगा।

lemon farming business in india

Lemon varieties – निम्बू की किस्मे

सबसे ज्यादा बेहतर और अच्छी माने जाने वाली किस्म है कागजी निम्बू (Paper lemon) है।

अन्य कुछ किस्मे भी उपलब्ध है लेकिन आगे आगे बढ़ने से पहले यहाँ मैं आपको सूचित करना चाहूंगा।

आप अपने नजदीकी कृषि केंद्र की सहायता से अच्छी किस्म का चुनाव करके ही आगे कदम बढ़ाये।

विदेशी किस्मो को प्राथमिकता न दें। क्यूंकी उनके लिए यहाँ की जलवायु अनुकूल नहीं है आने वाले समय में आपको पछताना पढ़ सकता है।

जितना ज्यादा हो सके Lemon farming के लिए देशी किस्म पर ध्यान दें जो की क्षेत्र की जवायु के अनुकूल है।

अगर आप देशी किस्म के पौधे लगाते है तो उनसे आपको बहुत से फायदे होंगे।

  1. क्षेत्रीय जलवायु के अनुकूल होने के कारण बिमारियों के आने की संभावना कम हो जाती है।
  2. बाजार में अधिक मांग देशी किस्म की ही है जिससे आप अधिक मुनाफा ले सकते हो।
  3. अधिक समय तक स्टोर कर सकते है यानि के टूटने के बाद फल काफी लम्बी अवधि तक खराब नहीं होता।
  4. स्वाद में भी दूसरी किस्मो से बेहतर माना जाता है।

Conclusion | निष्कर्ष (lemon farming)

Lemon farming किसान हुआ मालामाल | तो दोस्तों ये थी निम्बू की खेती से जुडी सभी बातें। अगर आपका कोई सुझाव या शिकायत है तो आप हमें बेझिझक कमेंट के माध्यम से बता सकतें है।

अगर आपको कृषि के किसी भी माध्यम पे जानकारी चहिये ऑर्गनिक खाद और फसलों के बारें में सब्जियों की फसल के बारें में, फल दार फसलों के बारें में तो आप हमें बताये हम उसकी जानकारी आप तक जरूर पहुंचायेगे।

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