Irrigation Meaning in Hindi | Agriculture Technology

irrigation meaning in Hindi

Irrigation meaning in hindi | सिंचाई का क्या अर्थ है । सिंचाई की आधुनिक विधियां । आधुनिक विधि से सिंचाई में फायदा या नुकसान । कौन सी विधि रहेगी आपके लिए बेहतर येही सब जानकारी मिलेगी आपको इस लेख के माध्यम से | irrigation full information in Hindi

सिंचाई | Irrigation Meaning In Hindi

जरूरत पड़ने पर फसलों या पौधों को पानी देना सिंचाई कहलाता है । भूमि के खुश्क होने पर पानी की जरूरत का अंदाजा लगाया जाता है । सिंचाई के लिए हर क्षेत्र का अलग ही स्थान होता है जोकि निर्भर करता है भूमि के प्रकार पर । भूमि खुश्क भी होती है, नम भी होती है, पथरीली भी होती है, रेतीली भी होती है । हर तरह के क्षेत्र के लिए सिंचाई के अलग-अलग साधन उपलब्ध होते है ।

Modern methods | आधुनिक सिंचाई की विधि

परंपरागत सिंचाई विधि के बारे में तो सभी जानते ही है । आज के इस अत्याधुनिक युग में कृषि के क्षेत्र में बहुत से बदलाव हो चुके है और हो रहे है । इनमे सबसे महत्वपूर्ण बदलाव सिंचाई के क्षेत्र में हुआ है ।

आज सिंचाई के क्षेत्र में सबसे ज्यादा लोकप्रिय विधियां (Irrigation Meaning in Hindi)

Irrigation meaning in hindi |

Sprinkler Irrigation | फुवारों द्वारा सिंचाई

फुवारों के द्वारा सिंचाई के लिए पंप की मदद से दबाव बना कर पानी को हवा में छिड़का जाता है, हवा में छिड़का गया पानी उसकी निर्धारित सीमा के अंदर हर जगह पर सिंचाई करता है । इस विधि में पानी को फुवारों तक पहुंचाने के लिए पाइपो से गुजारा जाता है । इस विधि से हर प्रकार की मिट्टी में सिंचाई की जा सकती है ।

sinchai ke sahi arth
water sprinklers
Advantages Sprinkler Irrigation | लाभ
  • मिट्टी का कटाव कम होता है | Irrigation Meaning in Hindi
  • पानी सीधा फसल के ऊपरी सिरे पर यानी के कोपलों में गिरता है ।
  • 30% से 50% तक पानी की बचत होती है ।
  • ऊंचाई पर भी आसानी से सिंचाई की जा सकती है ।
  • पैदावार में बढ़ोतरी होती है ।
  • सिंचाई को सुविधाजनक बनाता है ।
  • घुलनसिल उर्वरको को आसानी से फसल तक पहुंचाता है ।
  • जलवायु परिवर्तन में मददगार होता है ।
  • लागत को कम करता है | Irrigation Meaning in Hindi
  • देखरेख और रखरखाव काफी आसान है ।
  • फसल को तनाव से मुक्त रखता है ।

सिंचाई प्रणाली | Irrigation Meaning In Hindi

फुवारा विधि के लिए पानी के स्रोत पर एक water pump को फिट किया जाता है । पंप के साथ निकाशी पाइप्स को जोड़ दिया जाता है । सभी निकासी पाइप जरूरत के अनुसार उचित दूरी को घेरते हुए ऊपर की तरफ निकले हुए पाइपो से जो दिए जाते है, जिनके ऊपर वर्षा करने वाली नोजेल लगी होती है । वाटर पंप से पानी का दबाव बनने के बाद नोजेल से पानी की निकाशी बाहर की तरफ होती है, इसका पूरा दृश्य वर्षा की तरह ही होता है । बस ये कृत्रिम रूप से होती है | Irrigation Meaning in Hindi

sinchai

मुख्य घटक

  1. पम्पिंग स्टेशन
  2. बाइपास वाल्व
  3. उर्वरक टैंक
  4. फिल्टर प्रणाली
  5. दबाव मापकयंत्र
  6. नियंत्रण वक
  7. पाइप
  8. पम्प कनेक्टर
  9. फुवारा नोजल
  10. काठी

Drip Irrigation | टपक विधि से सिंचाई

टपक विधि में प्लास्टिक के पाइप्स का इस्तेमाल किया जाता है । जोकि फुवारा विधि से बिल्कुल अलग काम करता है । इसमें पाइप को पौधे की जड़ में छोड़ा जाता है और पाइप से बहुत धीमी चाल से पानी पौधे की जड़ो को सींचता है । ये विधि फुवारा विधि से अलग है और बेहतर मानी जाती है ।

Drip irrigation विधि में मिट्टी की पूरी सतह को गीला न करके सिर्फ पौधे की जड़ों को सींचा जाता है । इस विधि में नमी की मात्रा बहुत अधिक अनुकूल स्तर पर होती है | Irrigation Meaning in Hindi

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Drip Irrigation | टपक विधि से सिंचाई

Advantages Drip Irrigation | लाभ

  • उपज में बेहतरीन वृद्धि होती है ।
  • 70% तक पानी की बचत होती है ।
  • फसल वृद्धि में रुकावट नही आती ।
  • फसल स्वस्थ होती है ।
  • भूमि उपजाऊ शक्ति में वृद्धि होती है ।
  • उर्वरको की लागत में कुमी आती है ।
  • अधिक परिश्रम की आवश्यकता नही पड़ती ।
  • हर तरह की भूमि क्षेत्रों के लिए उपयोगी है ।
  • पानी के माध्यम उर्वरको को सीधा पौधौं की जड़ों में पहुंचाया जाता है ।
  • कम पानी मे अधिक सिंचाई की जाती है ।

Drip irrigation | मुख्य घटक

  1. पंप स्टेशन
  2. बाय पास असेंबली
  3. कंट्रोल वाल्वस
  4. फिल्ट्रेशन सिस्टम
  5. फ़र्टिलाइज़र टैंक
  6. प्रेशर गेज
  7. मेन्स / सब मेन्स
  8. लेटरल
  9. माइक्रो ट्यूब
टपक सिंचाई प्रणाली | Drip irrigation system

पंप स्रोत से पानी लेकर सही दबाव पैदा करता है और पाइपो में संचार करता है ।

कंट्रोल वाल्व पूरे सिस्टम के प्रवाह और दबाव को नियंत्रित करते है ।

फिल्टरेशन सिस्टम पानी को साफ करता है । उर्वरक टैंक धीमी गति से पानी में सिंचाई के वक़्त उर्वरक को भेजते है ।

मेन्स लाइन , सबमेन्स लाइन और लेटरल कंट्रोल हेड से पानी को पूरा करके खेत की ओर रवाना करते है । ये प्लास्टिक या पोलीथिन्स से बनी नालियां होती है । जिन्हें भूमि के नीचे दबाना चाहिए ताकि ये खराब न हो ।

एमिटर या ड्रीपर्स ऐसे उपकरण है जिनका उपयोग पानी के रिशाव के लिए किया जाता है । इनकी दूरी 1 मीटर या फिर कम ज्यादा हो सकती है । इनको खास तौर से तैयार किया होता है ताकि सही मात्रा में पानी का रिशाव करें और पौधे की जड़ों को सिंचाई करें ।

ड्रिप सिंचाई प्रणाली के लिए कुछ उपयुक्त फसलें ।

बागों की फसल:- अंगूर, केला, अनार, संतरा,आम, निम्बू, अमरूद, अनानास, नारियल, लीची,पपीता आदि।

सब्जियां:- टमाटर, मिर्च, शिमला मिर्च, पत्तागोभी, फूलगोभी, बैंगन, बेल वाली सभी सब्जियां, प्याज, लहसुन

नकदी फसलें:- गन्ना, कपास, स्ट्राबेरी

फूल:- मैरीगोल्ड, जरबेरा, गुलाब, जैसमीन, कार्नेशन, डहेलिया आदि ।

वृक्षों में:- चाय, रबड़, कॉफी

मसाले:- पुदीना, लांग, लायची, सौंफ, हल्दी

तेल वाली फसलें:- सूरजमुखी, तील, अलशी, मूंगफली, सरसो आदि ।

वन्य फसलें:- बांस आदि ।

फलों की फसल और सब्जी की फसलों के लिए ड्रिप सिस्टम सबसे उपयुक्त है ।

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निष्कर्ष | Conclusion

Irrigation meaning in hindi | इस लेख का खास मकशद भारतीय किसान को सिंचाई के लोकप्रिय और आधुनिक तरीको के प्रति जागरूक करना है । यदि आपका कोई सुझाव है तो जरूर बताएं । agriculture technology से सम्बंधित जानकारी पाने के लिए आप हमें facebook page पर फॉलो कर सकते है ।

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