Floating Farms In India Farming Technology

Floating farms

Floating Farms In India Farming Technology | तैरते खेत क्या है , हम कैसे बना सकते है इन तैरते खेतो को, कौन सी फसले ऊगा सकते है Floating Farms पर और इसे कहाँ किया जा सकता है इन सब से जुड़ें सभी सवालों के जवाब मिलेगें आपको इस लेख के माध्यम से। ..,

Floating Farms In India Farming Technology

क्या आपने कभी तैरते हुए खेत देखे है । जहां भूमि कम है और पानी ज्यादा दुनिया भर में ऐसे बहुत से देश है जहां खेती योग्य भूमि कम है और पानी ज्यादा या जहां साल भर बाद जैसा माहौल रहता है

वहां के लोग क्या खाये कैसे जिये तैरती हुई खेती इस ये बात सिद्ध करदी है  आवश्यकता ही अविष्कार की जननी होती है । बांग्लादेश का हाल भी कुछ ऐसा ही है । बांग्लादेश के ज्यादातर

हिस्सों में या तो साल भर बारिश का माहौल रहता है या फिर बाढ़ का पानी भरा रहता है । ऐसे स्थिति को देखते हुए बंगलादेशियो ने तैर ने वाली खेती को विकसित किया । इस तरह की खेती को

vegetable floating garden या सब्जी के तैरते बिस्तर कहते है । सिर्फ बांग्लादेश ही नही भारत के ओडिशा में भी इस तरह की तैरती हुई खेती “floating farming” की जा रही है ।

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How to make floating farms – तैरते हुए खेत कैसे बनाये

तैरते हुए खेत बनाने के लिए इतनी हल्की चीज़ का इस्तेमाल करना होता है जो पानी वे आसानी से तैर जाए । ऐसी चीज़ के लिए इस्तेमाल किया गया बांस की लकड़ी ओर आम तौर पर देखी जाने

वाली पानी के ऊपर उगी हुई जलखुम्ब का । बांस या किसी प्रकार की हल्की लकड़ी ओर जलखुम्ब के इस्तेमाल करके बेड यानी बिस्तर तैयार करते है । इस बेड की लंबाई 15 से 50 मीटर तक और

चौड़ाई 1.5 से 2 मीटर तक होती है । इसकी मोटाई 0.6 से 0.9 मीटर तक रख सकते है । इस तरह की खेती में किसी भी तरह के उर्वरक या पौध संरक्षण के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की

आवश्यकता नही होती । क्योंकि जलखुम्बी की कंपोस्ट बहुत उपजाऊ होती है । जहां पर आप floating farm बना रहे है । वहां पानी की गहराई 1 मीटर या उससे ज्यादा होनी जरूरी है ।

How to make a floating bed – तैरते हुए बिस्तर कैसे बनाये

एक बांस या या लंबाई वाली लकड़ी ले कर उसको जलखुम्बी पर रख दीजिए । फिर जलखुम्बी को दोनों ओर से लकड़ी के ऊपर बराबर रखते जाये । जलखुम्बी को तब तक ऐसे रखते रहे जब तक

आपके पैर पानी से ऊपर न आ जाये । इसके बाद पूरे 10 दिन तक इस बिस्तर को सूखने के लिए छोड़ दे और 10 दिन बाद एक और परत ऐसे ही चढ़ाये ।

How to prepare for the plant – पौध के लिए तैयारी कैसे करें

जब आप बिस्तर का चबूतरा तैयार करने में लगे हो तभी इसके लिए पौध भी लगाना शुरू कर दें । उसके लिए आप पुरानी जलखुम्बी का सड़ा हुआ हिस्सा निकल ले और खुम्बी के मोटे हिस्से को निकाल कर अलग कर ले । बस उसी के गोले से बना कर उसमें बीज लगाए ।

सावधानी:-

  • बतख ओर चूहे इन बीजों को निकाल कर नष्ट कर सकते है इसलिए उनका विशेष ध्यान रखे ।
  • बरसात में इनका बाह जाने का डर रहता है उससे भी इनकी सुरक्षा करनी पड़ेगी

Planting plant – पौध रोपण

बुआई के 10 या 12 दिन बाद पौध तैयार हो जाने पर जो बिस्तर आपने तैयार किये है उन पर 20 – 25 सेंटीमीटर की दूरी पर दरांती या किसी भी सुविधा जनक चीज़ से गढ़ा बनाते जायें । बिस्तर के

नीचे से खुम्बी के सड़े हुए हिस्से को ऊपर रखते जाए और उसे पर एक एक करके पौध लगते जाए जब पौधे अपने आकार में आने लगते है बढ़ने लगते है तो उनके बड़े होने के साथ साथ उनका वजन

भी बढ़ने लगता है । जिसके कारण जलखुम्बी का सड़ा हुआ हिस्सा बाहर आने लग जाता है उसको आप उठा कर बिस्तर पे पौधे के चारों तरफ सावधानी से रख दें । जिससे पौधे को मजबूती मिलेगी ।

Which crop can you do – कौन कौन सी फसल कर सकते है

Floating Farms बेड पर आप सब्जियो और मसालों की खेती कर सकते है । बेल वाली फसल भी ऊगा सकते है । इस तरह की Farming Technology के माध्यम से आप

खीरा, करेला, तोरि, घीया, ककड़ी, बींस, बैंगन, टमाटर, मूली, शलजम, प्याज, लहसुन, चौलाई, जैसी बहुत सी फसलों को ऊगा सकते है और मुनाफा भी कमा सकते है ।

Conclusion:- Floating Farms

Floating Farms In India Farming Technology | अगर आप भी ऐसी जगह रहते है जहाँ बरसात ज्यादा होने के कारण पानी जमा रहता है या मीठे पानी के स्त्रोत आपके आस पास बहुत से है तो आप भी Floating Farms के माध्यम से फसल ऊगा सकते है ।

“धन्यवाद”

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