Feeling of harmony and unity-मेलजोल और एकता की भावना

Feeling of harmony and unity-मेलजोल और एकता की भावना

Feeling of harmony and unity-मेलजोल और एकता की भावना
Feeling of harmony and unity-मेलजोल और एकता की भावना

Feeling of harmony and unity-मेलजोल और एकता की भावनाजैसा की आपने ध्यान दिया होगा की मेरे सभी लेख भारतीय किसान और उसके जीवन शैली से जुडी बात्तों के ऊपर आधारित है। अब तक आप भारतीय किसान के बारें में जितना जान चुकें है। उन सब बात्तों में ये आज का विचार एक अहम भूमिका निभाता है। मेलजोल और एकता की भावना आज का विचारणीय विषय है।

तो क्या है ये मेलजोल और एकता की भावना आइये विचार करते है। …….

मैंने अपने विचारों के द्वारा आप सब को कई दसकों पहले के किसान के जीवन का परिचय कराने की एक छोटी सी कोशिश की है इसमें अगर आपको कहीं भी बदलाव की जरूर महसूस हो तो कृप्या हमें जरूर सूचित करे।

क्या है मेलजोल और एकता की भावना
मेलजोल यानि मिलजुल कर रहना मानव एक सामाजिक प्राणी है जोकि समाज में अन्य स्वरुपियों के साथ रहना सुरक्षित समझता है। ऐसा करने से उसको एक दूसरे को समझने में सरलता होती है।

मेलजोल की भावना बढ़ती थी

ठीक इसी तरह पहले किसान और उसका परिवार मिलकर जीवन व्यतीत करते थे। परिवार के सभी सदस्य अपने काम के साथ-साथ अपने साथी अपने मित्र की भी मदद करते थे। जिसके कारण सब में मेलजोल की भावना बढ़ती थी।

एक दूसरे के सुख और दुख में काम आते थे। ऐसे ही मिलकर रहने और मिल कर एक दूसरे का साथ देने की भावना को मेलजोल की भावना कहते हैं। रहन सहन और काम करने की इस विधि से एक और भावना का जन्म होता है एकता की भावना ये एक ऐसा भाव है जो आपसी मेलजोल को दर्शाता है।

उदाहरण – जैसा की (Feeling of harmony and unity-मेलजोल और एकता की भावना)

जैसा की आप किसी के पास हर रोज जाना शुरू कर दे या किसी के साथ मिलकर कोई भी काम करना शुरू कर दें तो आप उसके हर विचार को जानने लगते हों जिससे दोनों में और ज्यादा सद्भवना बढ़ेगी। फिर अगर कभी भी दोनों में से किसी एक पर भी कोई मुसीबत आती है तो दोनों प्राणी एक जुट होकर उसका डट कर सामना करते है।

ऐसा करने से उन दोनों में जो भावना दिखेगी उसको एकता की भावना कहतें है। वसे तो मेलजोल और एकता ये दोनों एक ही पहलु है। अगर कोई प्राणी किसी के साथ मेलजोल बनाये रखता है। तो वहां एकता ही दर्शाता है लेकिन समाज इस भावना को सिर्फ मेलजोल की भावना का ही नाम देता है एकता को समाज तब समझता है

Agriculture And Farmer-कृषि और किसान

जब कोई प्राणी समस्या में हो और उसकी समस्या का हल उसके साथी उसके समूह वाले मिलकर करे तो वो एकता का परिचय देते है।

कैसे लाये मेलजोल की भावना

  • तकनिकी साधनो का सही रूप से उपयोग करके
  • एक ऐसा स्थान निश्चित करके जहां मिलकर सब एक दूसरे के साथ विचार विमर्श कर सके
  • भेद भाव को नष्ट करके
  • एक दूसरे की मदद करके
  • परिवार का बंटवारा न करके
  • अच्छा ज्ञान प्राप्त करके

ऐसे बहुत से कारण हैं जिनको हम सुधार में लाकर मेलजोल और एकता को बढ़ा सकते हैं

सबका मिलकर एकजुट होकर रहना(Feeling of harmony and unity-मेलजोल और एकता की भावना)

मशीनीकरण से पहले साधनों की कमी होने के कारण सबका मिलकर एकजुट होकर रहना ही अनिवार्य था। मुझे तो वह जीवन बहुत अच्छा लगता है। अगर आप भी एक बार सोच कर देखें कि कितना अच्छा वह समय था जिसमें हम सब तकनीकी साधनों से दूर मिलजुल कर परिश्रम कर के अपना और अपने परिवार का पालन पोषण करते थे।

Hard work-कठिन परिश्रम

एक दूसरे के साथ बात करना एक दूसरे का सुख दुख आपस में बांटना मिलकर हंसना मिलकर खाना कितना अच्छा होता अगर आज भी ऐसा ही जीवन व्यतीत करते हम सब। मेलजोल की भावना इंसान को जीने की हिम्मत देती है।

इंसान को दुर्बल होने से रोकती है। इसलिए आज के समय में तकनीक से जुड़ने के बाद इंसान के पास इन सब भावनाओं की कमी सी होने लगी है।

क्या फायदें है मेलजोल और एकता की भावना के :- मेलजोल और एकता की भावना होने से मानव को बहुत से फायदें होंगें

  • समाज में रहना सरल साबित होगा
  • किसी को भी मुसीबत का सामना अकेले नहीं करना पड़ेगा
  • जातिवाद का अंत हो जायेगा
  • समाज पूरी तरह से शिक्षित होगा
  • नारी को सम्मान मिलेगा
  • सब में प्रेम की भावना रहेगी
  • इंसान दयालु बनेगा
  • आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी
  • सब के पास रोजगार होगा
  • नियमो का पालन होगा
  • बस ये ही नहीं बहुत से ऐसे काम हैं जो बिलकुल सरल तरिके से होने लगेंगे देश की सुरक्षा में कोई कमी नहीं आएगी इतने फायदें होंगें की मैं आपको बता नहीं सकता
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Conclusion-निष्कर्ष

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Agriculture before mechanization-मशीनीकरण से पहले कृषि

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