chilli farming business plan | मिर्च की खेती के राज

By | 7th January 2019
chilli farming business plan 2019
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chilli farming business plan Green | हरि मिर्च की खेती करके लाखों रुपये कैसे कमाए। Chilli Farming एक बहुत ही प्रसिद्ध मसालों में गिनी जाने वाली फसल है। Chilli Farming कैसे करे क्या करना होगा हरी मिर्ची को उगाने के लिए। Green chilli farming business plan के लिए कौन सी किस्म रहेगी अच्छी। कितनी आएगी लागत और कितना होगा मुनाफा chilli farming business plan Green 2019

Is chilli farming profitable? | क्या मिर्च की खेती लाभदायक है?

किसान मिर्च की खेती मुख्यत नगदी फसलो के रूप में करते है । इसकी खेती से किसान बहुत अच्छा मुनाफा कमाता है । एक एकड़ में लगभग 90 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक आमदनी हो जाती है । chilli farming बहुत लाभदायक साबित होती है अगर इसको सही समय पर वैज्ञानिक ढंग से पूरी जानकारी के साथ किया जाए।

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विभिनता के आधार पर मिर्च की उगायी जाने वाली किस्मो को पांच भागों में बांटा जाता है ।

  1. पहली – कैप्सिकम फुटमैन्स
  2. दूसरी – कैप्सिकम ऐनुएम
  3. तीसरी – कैप्सिकम पैंडुलम
  4. चौथी – कैप्सिकम चाईनीज
  5. पांचवी – कैप्सिकम प्यूबेसेन्स

Main Varieties | मुख्य किस्में

  • पूसा ज्वाला : इसके फल लंबे व स्वाद में तीखे होते है । ये किस्म जल्दी तैयार हो जाती है । एक एकड़ में सुखी मिर्च 18 से 22 किवंटल तक कि पैदाव्वार देती है ।
  • कल्याणपुर चमन : इसका फल लम्बा ओर तीखा होता है ये शंकर किस्म होती है। इसकी पैदाव्वार प्रति एकड़  28 से 30 किवंटल सुखी प्राप्त होती है ।
  • कल्याण पुर चमत्कार : इसके फल लाल और तीखे होते है ये भी एक शंकर किस्म है ।
  • कल्याणपुर 1: इस किस्म से 20 किवंटल तक पैदाव्वार प्राप्त होती है और ये 215 दिन के लगभग तैयार हो जाती है ।
  • कल्याणपुर 2 : ये किस्म 210 दिन लेती है तैयार होने में ओर इसकी पैदावार 17 किवंटल तक प्रति एकड़ की है ।
  • सिंदूर : इस किस्म को तैयार होने में 180 दिन का समय चाहिए और ये 14 से 15 किवंटल तक कि पैदावार देती है प्रति एकड़ से ।
  • भाग्यलक्ष्मी : इस किस्म को हर तरह के जलवायु के लिए सक्षम माना जाता है । ये सिंचाइ की सुविधा सही रूप से न होने पर भी मुनाफा देती है पैदावार अच्छी देती है । सिंचाई के अभाव वाले क्षेत्र में इसकी पैदावार क्षमता 15 क्विंटल तक है और सिंचाई वाले क्षेत्रों मे 19 क्विंटल तक है ।
  • पंजाब लाल : ये एक बारामासी किस्म है । इसमे दूसरी किस्मो के मुकाबले रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक है। इसकी उपजाऊ शक्ति लाजवाब है ये एक एकड़ में 45 से 50 क्विंटल तक कि पैदवार देती है ।

मिर्च की भारत मे ओर भी बहुत से किसमें मौजूद है। जिनको ऊगा कर किसान अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते है । यहां में एक बात कहना चाहूंगा किस्म का चुनाव करने से पहले एक बार अपने नजदीकी कृषि केंद्र में जाकर जरूर सलाह ले ।

What Session and Climate Best for Chilli Farming | अनुकूल समय और जलवाय

वैसे तो मिर्च किसी भी जलवायु को सह लेती है पर पैदावार के लिए सबसे अच्छी सर्द ऋतु रहती है । अधिकतर किस्में 7℃ के तापमान में खुश रहती है ।

Soil selection | मृदा का चुनाव (chilli farming business plan )

दोमट मृदा सर्वोत्तम मानी गयी है अन्यथा जुगाड़ तो भारत में प्रसिद्ध है ही कही भी उगालो नई तकनीक को अपना कर । काली मिट्टी में भी मिर्च अच्छी पैदावार देती है । जल की निकाशी का विशेष ध्यान रखे खेत का चुनाव करते समय । जल का अधिक समय तक ठरना फसल को नुकसान पहुंचा सकता है ।

Farm preparation | खेत की तैयारी (Chilli Farming Business Plan )

खेत की जुताई ऐसे करे कि मिट्टी भूरभूरी बन जाये । 3 या 4 बार जुताई कर के पर मिट्टी की दशा सही हो जाएगी ।

Seed sowing for the plant | पौध के लिए बीज की बुआई

अगर सर्द ऋतु में बुआई करे तो january के महीने सबसे उत्तम रहता है । ग्रीष्म ऋतु के लिए जून ये जुलाई माह सही रहता है ।बीज की बुआई में विशेष ध्यान बीज के उपचार का करे इसके लिए एग्रोसन जी.ऐन. या थीरम या फिर कैप्टन 2 ग्राम रसायन प्रति किल्लो ग्राम बीज की दर से उपचारित करे ।एक एकड़ के लिए पौध प्राप्त करने में 1.25 से 1.50 किल्लो ग्राम बीज की जरूरत होगी ।

बीज कैसे बुआई करे | Chilli Farming Business Plan

सबसे पहले बीज की क्षमता के हिसाब से एक कियारी का आकार निश्चित कर ले । फिर कियारी को खरपतवार नाशक से उपचारित करें । कियारी इस प्रकार से तैयार करे कि उसमें 2 फिट चौड़े आकार वाले पटे निकाल ले उसका ये फायदा मिलेगा की कियारी में जल की निकशी बेहतर हो जाएगी अधिक बरसात होने पर भी पौधे को नुकसान नही पहुंचेगा । अब लाइन बना कर 1” दूरी पर बीज रखे और बाद में मिट्टी या खाद से ढक दें ।ऊपर से पराली या किसी भी फसल के अवशेष के साथ ढक दें । जब पौधे मिट्टी से बाहर आने लगे तो पराली को ऊपर से हटा दें ।सिंचाई का विशेष ध्यान रखे नर्सरी में पानी हल्के से फवारे से ही डाले ।

Plant transplant | पौध रोपाई (Chilli Farming Business Plan)

बीज से रोपाई के लिए पौधा कुल 35 दिन में तैयार हो जाता है ।रोपाई में पौधे से पौधे के दूरी 45cm. ओर लाइन से लाइन की दूरी 60cm. तक रखे ।

chilli plants diseases | खाद एवं उर्वरक (Chilli Farming Business Plan)

chilli farming business plan 2019

एक एकड़ के लिए (Chilli Farming Business Plan)

  • गोबर खाद या कंपोस्ट खाद 300 क्विंटल
  • 100 किल्लो ग्राम नाईट्रोजन
  • 50 किल्लो ग्राम फास्फोरस
  • 60 किल्लो ग्राम पोटाश

की आवश्यकता होती है । कंपोस्ट, फस्फोर्स, पोटाश की पूरी मात्रा तथा नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपाई के पहले खेत की तैयारी के समय डाले । नाईट्रोजन के शेष भाग को दो बार मे डालना है । पहला भाग रोपाई के 40 दिन बाद ओर दूसरा भाग 90 दिन के बाद देना सही रहता है।

सिंचाई के लिए जरूरी बातें:- सर्दी के मौसम में तो नमी बनी ही रहती है इसलिए पानी की कम आवश्यकता पड़ती है । गर्मी के दिनों में पानी की जरूरत बढ़ जाती है । तो ध्यान रखे पोधो में नमी बनाए रखे । गर्मी के मौसम में लगभग 7 से 10 दिन के अंतराल में सिंचाई करे ।

Green harvesting peppers | हरि मिर्च की तुड़ाई

अगर आपको हरि मिर्च से बाजार में भाव ज्यादा मिल रहा है। तो तुड़ाई शुरू करे जब आपको लगे कि मिर्च अपना पूरा आकार ले चुकी है तो तोड़ ले । तुड़ाई के समय विशेष ध्यान रखे कि झटके से फूलों के ऊपर कोई असर न जा रहा हो फूल झड़ न रहे हो इसलिए थोड़ा सावधानी से तोड़े ।

Red harvesting peppers | लाल मिर्च की तुड़ाई

आपको खुद पता चल जाएगा के मिर्च तोड़ने के आकार में आ चुकी है पूरी तरह से पक कर लाल हो चुकी है ।

How do you take care of a chili pepper plant?

Things to note | ध्यान देने वाली बातें

  • मिर्च की फसल से पूरी तरह फल लेने के बाद आप पोधो को आगे के लिए भी सुरक्षित रख सकते है । जो कि एक मुनाफा देता है ।
  • अधिक पैदावार लेने के लिए चरों को साफ सुथरा बना कर रखे । उनमे खरपतवार को उभरने ना दे ।
  • किसी भी तरह का किट या रोग लगने पर सुरक्षा बचाव करें ।
  • बीमारी की समझ न पड़ने पर बीमार पौधे को कृषि विज्ञान केंद्र ले जाये ।
  • पूरी तरह से विष मुक्त खेती करे organic farming
  • सिंचाई के समय पानी की मात्रा अधिक न करें नही तो आये हुए फूल झड़ने लगे गे ।
  • फसल को वैज्ञानिक ढंग से करे न कि पारम्परिक ढंग से ऐसा करने से कम लागत में अधिक मुनाफा होगा ।
  • किस्म का चुनाव अपने क्षेत्र की जलवायु को ध्यान में रख कर करे ।
  • फसल को शुरुआत से लेकर अच्छी निगरानी में रखे ।ऐसा न हो कि आपकी फसल किसी रोग की चपेट में आ जाये और आपको पता भी न चले ।
  • तुड़ाई करने के तुरंत बाद हाथों को साबुन के साथ अच्छी तरह से साफ कर के सरसो के तेल को हाथों पर लगाये ।ताकि आपको हाथों पर किसी तरह की जलन का सामना ना करना पड़े
  • बाजार ले जाने के लिए तोड़ी गयी मिर्च की बोरी में भरे ओर ध्यान रखे बोरी के ऊपर किसी किस्म का दबाव न आये ।
  • रोग ग्रस्त पौधे को तुरंत उखाड़ ले और फसल से दूर ले जाकर दबा दे या जला दे ।

Conclusion | निष्कर्ष

chilli farming business plan Green 2019 के माध्यम से मैंने आपको मिर्ची की फसल की शुरुआत से लेकर अंत तक की सभी बातें बताई है।

अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो आप हमे कमेंट या ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते है।

किसी भी प्रकार की फसल के बारे में जानकारी पाने के लिए हमे ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते है।

“धन्यवाद”

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One thought on “chilli farming business plan | मिर्च की खेती के राज

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