Monthly Archives: February 2019

Soil Health Card Information In Hindi

By | 13th February 2019
soil health card

Soil Health Card | क्या आप जानते है soil health card क्या है । इसके फायदे क्या है । आप कैसे लाभ ले सकते है । यही सब बातें जानने के लिए आप इस लेख को पूरा पढ़े । सबसे पहले ये जान ले कि मिट्टी का स्वास्थ्य क्या है उसके लिए मानव स्वास्थ्य का उदाहरण ले कर मिट्टी के स्वास्थ्य पर दृष्टि डालेंगे ।

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Human Health | मानव का स्वास्थ्य

जिस प्रकार इंसान को स्वस्थ रहने के लिए पोषक तत्वों की जरूरत होती है, और पोषक तत्वों को मानव अपने भोजन के माध्यम से पूरा करता है । जब भी किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य में गिरावट महसूस होती है यानी के ऐसा महसूस होता है के शारीरिक रूप से कमजोर हो रहा है । तो इसका मतलब होता है के उसके शरीर में पोषक तत्वो की कमी हो रही है ।तो इस स्थिति में व्यक्ति अपने स्वास्थ्य की जांच कराता है । जिसके पश्चात उसको कुछ बातें चिकित्सक के द्वारा समझाई जाती है उसके स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए । चिकित्सक के द्वारा दिये गए सुझावों को अपना कर व्यक्ति स्वस्थ होता है । बस ठीक इसी प्रकार से होता है मिट्टी का स्वास्थ्य ।

Soil Health | मिट्टी का स्वास्थ्य

जिस मिट्टी में आप खेती करते है फसलें उग्गा कर भरपूर पैदावार लेते है । वो मिट्टी भी एक मनुष्य की तरह बीमार पड़ जाती है । उसमे पोषक तत्वों की कमी हो जाती है । फिर मिट्टी के पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए उसको कौन सा तत्व कितनी मात्रा में देने से मिट्टी की हालत में सुधार आ सकता है यही सब जानकारी लेनी जरूरी हो जाता है । फिर उसके लिए बिल्कुल वैसा ही करना होता है जैसा एक व्यक्ति कमज़ोरी महसूस होने पर करता है । मिट्टी का स्वास्थ्य जानने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रयोगशाला स्थापित किये है जहां से विशेषज्ञों की मदद लेकर आप अपने खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य जान सकते है ।

जिसके लिए Soil Health Card आपकी मदद करेगा ।

soil health card
Soil Health Card Information In Hindi

Soil Health Card?

मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड भारत सरकार द्वारा वर्ष 2015 में चलाई गई एक योजना है । इस योजना के तहत सरकार किसानों को मृदा कार्ड जारी करती है । जो आपके खेतों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों और उर्वरको की फसलवार जांच करेगी । जिसके परिणाम स्वरूप आपको मिट्टी में हो रही कमियों और उनके सुधारो के बारे में विशेषज्ञ द्वारा सही सुझाव किया जाता है । सभी मिट्टी के नमूनों का परीक्षण देश भर में विभिन्न प्रयोगशालाओं में किया जाता है । इसके बाद विशेषज्ञ मिट्टी की ताकत और कमजोरियों के बारे में जानकारी जुटाते है, और इससे निपटने के सुझाव देते है । परिणामो को सुझाव कार्ड में प्रदर्शित किया जाता है ।

The purpose | उद्देश्य: Soil Health Card

Soil Health Card – योजना का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की जांच के द्वारा पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना है ताकि किसान को लाभ मिल सके सही उर्वरक सही मात्रा फसल में उपयोग करके कम लागत में अधिक पैदावार ले सके । ऐसा तभी होगा जब किसान को खेत की मिट्टी की क्षमता का पता होगा । जब किसान फसल में जरूरी तत्वों की मात्रा को पहचान सकेगा। किसान को जब ये ज्ञान आएगा के उसके खेत की मिट्टी में किन तत्वों की मात्रा सही है और कौन से तत्व कम मात्रा में है। ऐसा ज्ञान होने के बाद किसान खुद वही तत्व फसल में डालेगा जिसकी फसल को जरूरत हो और ऐसा करने पर फसल भी अच्छी होगी और खर्च भी कम आयेगा।

Benefits | लाभ

  • मृदा परिक्षण कराने पर आप जान सकोगे के आप के खेत की मिट्टी कितनी उपजाऊ है,
  • कौन कौन से उर्वरको की मात्रा सही है,
  • किन उर्वरको की मात्रा कम है,
  • कौन कौन सी फसलें ऊगा सकते है,
  • मिट्टी में किस फसल के लिए कितना खर्च करना होगा ।

ये सब जानकारी उपलब्ध होने पर आप का फसल चक्र में सुधार होगा । पैदावार बढ़ेगी, खर्च कम होगा

Soil Health Card का लाभ कैसे ले?

ये सरकार के द्वारा चलाई गई योजना है जिसको किसान हित के लिए जारी किया गया है । अगर आपको इसका लाभ लेना है तो अपने नजीदीकि कृषि विज्ञान केंद्र जाकर सारी जानकारी प्राप्त कर सकते है । इसके लिए भारत सरकार के द्वारा ऑनलाइन वेबसाइट भी उपलब्ध है उसके लिए मिट्टी का स्वास्थ्य पर दबाये।

Conclusion | निष्कर्ष

Soil Health Card Information In Hindi | अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो जरूर बताएं उसके लिए आप कमेंट बॉक्स की मदद ले सकते है या फिर हमारे whatsapp ग्रुप की भी सदस्यता ले सकते है ।

Vegetables name in hindi growing February

By | 11th February 2019
vegetables name in hindi

Vegetables name in hindi growing February | फरवरी में उगाई जाने वाली Vegetables के Name और कौन कौन सी Vegetables है जिनके लिए फरवरी में ही तैयारी शुरू कर दी जाती है । कैसे तैयारी करते है । कौन कौन सी सामग्री की आवश्यकता होगी । ये सब बातें जान ने के लिए आप इस लेख को जरूर पढ़ें ।

Vegetable name in Hindi growing February

  1. लोकी
  2. कददू
  3. खीरा
  4. ककड़ी
  5. तोहरी
  6. करेला
  7. खरबूज
  8. तरबूज

vegetables name in hindi
vegetables name in hindi growing February
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How To Prepare | कैसे करें तैयारी

ये सब बेल वाली सब्ज़ियाँ है । जिनको गर्मी के मौसम में भरपूर मात्रा में उगाया जाता है । गर्मी के मौसम में ये सब सब्ज़ियाँ भली भांति फैलती फूलती है ।

लेकिन फरवरी के हल्के ठंडे मौसम में इनकी नर्सरी  तैयार करके अगेती फसल प्राप्त कर सकते है ।

Materials Required (vegetables name in hindi)

  • सब्जियों के बीज,
  • प्लास्टिक की थैलियां या कागज से बने डिस्पोजल कप,
  • नारियल की भूसी या बारीक कटी हुई पराली,
  • पूरी तरह से तैयार गोब्बर की खाद या कंपोस्ट खाद,
  • नीम का तैल या फफूँद नाशक कोई जैविक रसायन,
  • बीज को उगाने के लिए कोई बंद कमरा ये कोई भी ऐसी जगह जो छत के नीचे हो।

बस इन सब चीजों का सही से प्रबंध करने के बाद आपको करना है सबसे पहला काम ।(vegetables name in hindi)

The right choice of seeds | बीजों का सही चुनाव

सबसे पहले तो आपको इन सब सब्जियों के लिए बीज का चुनाव करना होगा । सही किस्म का बीज चुनाव पहले कदम को पूरा कर देता है । इसके लिए आप अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से भी सहायता ले सकते है ।

Preparation of mixture | मिश्रण तैयार करना

नारियल की भूसी या पराली जो चीज़ आपको आसानी से उपलब्ध हो जाये । फिर जितनी मात्रा में आपको बीज उगाने है उसके अनुसार भूसी को एक ढेर के रूप में जमीन पर इकठा करले । ध्यान रहे भूसी को सीधा जमीन के संपर्क में नही लाना है, कोई बड़े आकार का कपड़ा या पन्नी का उपयोग करें ।

मिश्रण के लिए आपको 60% हिस्सा भूसी का लेना है, ओर 40% खाद इसकी एक ढ़ेरी बना कर उसके उपर नीम तेल को डाले ताके आपका ये मिश्रण रोग मुक्त हो जाये । उसके बाद आपका अगला कदम होगा

Filling mixture in bag |
थैली में मिश्रण को भरना

अपनी आवश्यकता के अनुसार आपको जितनी भूमि पे पौधरोपण करनी है उसके अनुसार थैली या डिस्पोजल में मिश्रण को भरे । ध्यान रहे मिश्रण को दबाकर नही भरना है हल्के स्वभाव में ही रखना है ।

Seed Sowing | बीज बुआई

तैयार की गयी थैलियों में बीज बोने के समय ध्यान दे कि बीज को दबाये नही आपको बीज सिर्फ ऊपर रखने है और फिर उनको ढकने के लिए थोड़ा सा मिश्रण उपयोग में लाये । ऐसा इसलिए करते है, क्योंकि जब बीज अंकुरित होते है तो उनमें इतनी ताकत नही होती कि वो किसी सख्त चीज़ को हटा सके ।

Place | स्थान (vegetables name in hindi)

बुआई विधि पूरी करने के बाद सभी थैलियों को उठा कर उनके सही स्थान पर रख दें । ऐसी जगह का चुनाव करें जहां ठंड के प्रभाव कम हो । कोई ऐसा कमरा जो बन्द सा हो । जहां का तापमान बाहर के तापमान से ज्यादा हो ।

Irrigation | सिंचाई (vegetables name in hindi)

अब बारी आती है सिंचाई की इन बीजों को उगाने के लिए आपको सिंचाई का विशेष ध्यान रखना होगा । सिंचाई के लिए साफ पानी को उपयोग में लाये । पानी को सिर्फ छिड़कना है पूरा नही भरना । बीज के अंकुरित होने तक  उसमे नमी बनाए रखे । उसके बाद आवस्यकता के अनुसार पानी की मात्रा कम या ज्यादा हो सकती है ।

Advantages | फायदे(vegetables name in hindi)

  • इस विधि के द्वारा आप को सिर्फ 22 दिन में पौधा तैयार मिलेगा रोपाई के लिए ।
  • दूसरी विधियो के मुकाबले फसल पे फल जल्दी तैयार होता है ।
  • बाजार में सब्जी का भाव ज्यादा भाव मिलेगा
  • सब्जी रोग मुक्त रहेगी
  • पानी की बचत होती है ।
  • पौध आपकी देख रेख में अच्छी तरह से तैयार होती है ।

Precautions | सावधानियां vegetables name in hindi

  1. पौध तैयार करने के लिए शुद्ध पानी को ही उपयोग में लाये ।
  2. बीज को दबा कर न लगाएं ।
  3. थैली में पानी की मात्रा अधिक न होने दें ।
  4. अधिक ठंड वाले वातावरण में थैलियों को न रखे ।
  5. हो सके तो कार्य कक्ष को थोड़ा गर्म रखे ।
  6. चूहों से बीजो का बचाव करें ।
  7. रोजाना बीजो का निरीक्षण करें ।
  8. पानी का छिड़काव सही समय पर करें ।
  9. जब बीज अंकुरित हो जाये हफ्ते में एक बार agri82 के घोल को पानी में जरूर मिलाये ।
  10. किसी किस्म का रोग या किट नजर आने पर नीम के तेल का छिड़काव करें

इस विधि से तैयारी करके आप उस वक़्त फल लेने लग जाओगे जब तक पारंपरिक ढंग से की गई खेती में पौधे ही तैयार होने लग रहे होते है । ऐसी स्थिति में बाजार में सब्जियों की आवक भी कम ही होती है जिसके कारण आपको अच्छा भाव मिलेगा और आमदनी भी अधिक होगी ।

Conclusion | निष्कर्ष (vegetables name in hindi)

vegetables name in hindi growing February | यहाँ आपको 8 ऐसी सब्जियों की फसल के बारे में बताया गया है जिनको आप फरवरी के माह में नरसरी तैयार करके अगेती फसल से अच्छी आमदनी कर सकते है।

Agriculture Tech in India | आपके लिए ऐसी विशेष प्रकार की कृषि खेती से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराता है । किसी भी प्रकार के कृषि से जुड़े सवाल करने के लिए या सुझाव देने के लिए आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से संपर्क करें ।

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Pesticides Very Dangerous For Humans

By | 7th February 2019
Pesticides

Pesticides Very Dangerous For Humans – अब तो सभी किसानो को ये बात समझ लेनी चाहिए कीटनाशक बहुत ज्यादा खतरनाक है। मानव शरीर के लिए Pesticides किसानों और उपभोक्ताओं को कीटों को नियंत्रित करने और बीमारी को रोकने के साथ-साथ फसल की उपज बढ़ाने और लागत को कम रखने के लिए कई पर्याप्त लाभ प्रदान करते हैं; हालाँकि, इन शक्तिशाली कीटनाशक ने हमारे स्वास्थ्य को भी खतरे में डाल दिया है।यहाँ कीटनाशक के 8 संभावित दुष्प्रभाव हैं।

Agriculture Tech In India | कृषि के क्षेत्र में हो रहे तकनिकी नवीनीकरण के बारे में सबसे अच्छी जानकारी उपलब्ध कराता है।

Pesticides का मानव पर 8 खतरनाक दुष्प्रभाव

Pesticides
Pesticides Very Dangerous For Humans
  1. Cancer: दशकों से, Pesticides और उनके कार्सिनोजेने सिटी के आसपास चिंता और बहस का एक बड़ा कारण रहा है। यहाँ सबूत एक बड़ी संस्था है जो दावा करते हैं कि कीटनाशक कई अंग प्रणालियों में कैंसर का कारण बनते हैं, लेकिन अन्य कारकों जैसे उम्र, कैंसर के पारिवारिक इतिहास, आहार और जीवन शैली पर भी विचार किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य प्रभावों पर नजर रखने और कीटनाशकों के खतरों को बेहतर ढंग से समझने के प्रयास में, पर्यावरण संरक्षण एजेंसी संभावित शक्ति के लिए कीटनाशकों की समीक्षा करती है जो कि उसकी क्षमता पर आधारित है और मानव जोखिम के लिए संभावित है।
  2. Endocrine Complications:अंतःस्रावी जटिलताएं Pesticides का एक अन्य संभावित दुष्प्रभाव अंतःस्रावी जटिलताएं हैं, विशेष रूप से अवरुद्ध पुरुष हार्मोन जो मानव प्रजनन को प्रभावित कर सकते हैं। कृषि कीटनाशकों को टेस्टोस्टेरोन और अन्य एण्ड्रोजन को अवरुद्ध करने से जोड़ा गया है, जो स्वस्थ पुरुष प्रजनन प्रणाली के लिए आवश्यक हैं। इन अंतःस्रावी अवरोधकों में से अधिकांश कवकनाशी हैं जो फलों और सब्जियों की फसलों पर लागू होते हैं और खाद्य पदार्थों पर बने रह सकते हैं.
  3. Infertility and Sterility: बांझपन और बाँझपन: Pesticides को पुरुष और महिला बांझपन और बाँझपन से जोड़ा गया है। कीटनाशकों और सॉल्वैंट्स के संपर्क में कम शुक्राणु के स्तर और खेतों में काम करने वाले पुरुषों में बांझपन का स्तर बढ़ सकता है और जो नियमित रूप से कीटनाशकों के संपर्क में हैं। शुक्राणु की गिनती दुनिया भर में कम हो रही है और कीटनाशक अवशेषों के साथ खाने वाले खाद्य पदार्थों और घरेलू कीटनाशक स्प्रे के बढ़ते उपयोग का परिणाम हो सकता है।
  4. Brain Damage: ब्रेन डैमेज: कीटनाशकों(Pesticides) को उन लोगों में मस्तिष्क क्षति से भी जोड़ा गया है जो नियमित रूप से इन रसायनों का उपयोग करते हैं। माली और किसानों को दीर्घकालिक मस्तिष्क क्षति विकसित करने और मस्तिष्क की समस्याओं जैसे हल्के संज्ञानात्मक शिथिलता (एमसीडी) से पीड़ित होने का सबसे अधिक खतरा है, जो आपकी सहजता से बोलने और शब्दों, रंगों या संख्याओं को पहचानने की क्षमता को प्रभावित करता है। बच्चों में मस्तिष्क क्षति और विकासात्मक समस्याओं के लिए कीटनाशकों को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।.
  5. Birth Defects: जन्म दोष: कीटनाशक जोखिम से जन्म दोष माताओं, वयस्कों और बच्चों की अपेक्षा के लिए एक और बढ़ती चिंता है। कीटनाशक(Pesticides) और जन्म दोष के बीच की कड़ी को घरेलू स्प्रे के उपयोग से जोड़ा गया है जो बगीचे के कीड़ों, चींटियों, मच्छरों और bugs को मारते हैं। इन शक्तिशाली रसायनों का उपयोग कीटों के तंत्रिका तंत्र पर हमला करने और उन्हें मारने के लिए किया जाता है, लेकिन यह आपके अजन्मे बच्चे के स्वास्थ्य के लिए और भी अधिक जोखिम पैदा कर सकता है और ओरल क्लीफ़ेट्स, न्यूरल ट्यूब दोष, हृदय दोष और अंग दोष के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। कीटनाशकों और कीटनाशकों के संपर्क में आने से गर्भावस्था के दौरान हर कीमत पर बचना चाहिए।
  6. Respiratory Disorders: श्वसन विकार: कीटनाशकों(Pesticides) के संपर्क या अंतर्ग्रहण के साइड इफेक्ट से संबंधित एक और सांस संबंधी विकार हैं, जिनमें घरघराहट, पुरानी ब्रोंकाइटिस, अस्थमा और किसान के फेफड़े शामिल हैं। कीटनाशकों के नियमित संपर्क से श्वसन संबंधी समस्याएं विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन उचित श्वसन सुरक्षा और दैनिक निवारक उपायों से इसे कम किया जा सकता है।
  7. Organ Failure: ऑर्गन फेल्योर: दुनिया भर में अंग की विफलता में वृद्धि के लिए कीटनाशकों(Pesticides) को दोषी ठहराया जा सकता है। उदाहरण के लिए, पिछले सात वर्षों में भारत में क्रोनिक किडनी रोग या आंतों के नेफ्रैटिस से संबंधित मौतों की एक खतरनाक संख्या है। अधिकांश पीड़ित कृषि में काम करते थे और लगातार कीटनाशकों के उच्च स्तर के संपर्क में थे और कीटनाशक अवशेषों के साथ खाद्य पदार्थ खाते थे। यह निश्चित नहीं है कि किडनी की बीमारी कीटनाशक अवशेषों के साथ खाने वाले खाद्य पदार्थों से खराब हो गई है या कीटनाशकों के संपर्क में आने के कारण होती है, लेकिन गुर्दे को शरीर से इन विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना पड़ता है और यह विफलता के कगार पर कई अंगों में से एक हो सकता है।
  8. Skin Irritation: त्वचा की जलन: त्वचा की जलन कीटनाशकों(Pesticides) का एक और संभावित दुष्प्रभाव है क्योंकि त्वचा इन हानिकारक रसायनों के संपर्क में आने की सबसे अधिक संभावना है। चूंकि कीटनाशकों को त्वचा के माध्यम से और रक्तप्रवाह में अवशोषित किया जा सकता है, यह आसानी से त्वचीय विषाक्तता, चकत्ते और त्वचा संक्रमण जैसे दाद और एथलीट फुट का कारण बन सकता है। यदि पर्याप्त कीटनाशक त्वचा के माध्यम से अवशोषित किया जाता है, तो यह गंभीर विषाक्त प्रतिक्रियाएं और आंतरिक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

Conclusion | निष्कर्ष

Pesticides | के मानव शरीर पर होने वाले ये 8 दुष्प्रभावों को जानने के बाद आप का क्या विचार सामने आता है हमें जरूर बताये कमेंट करके या फिर हमारे whatsapp ग्रुप के माध्यम से जिसका लिंक आपको निचे मिलेगा।

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Agriculture Technology Drones Take Advantage Of

By | 3rd February 2019
Agriculture Technology

Agriculture Technology Drones| आज की Agriculture नियमित रूप से अत्याधुनिक Technology जैसे रोबोट, तापमान और नमी सेंसर, हवाई चित्र और जीपीएस Technology का उपयोग करती है। ये उन्नत उपकरण और सटीक Agriculture और रोबोटिक सिस्टम व्यवसायों को अधिक लाभदायक, कुशल, सुरक्षित और अधिक पर्यावरण के अनुकूल होने में मदद करते है।

Agriculture Technology Drones –
क्या है कृषि ड्रोन टेक्निक

एक कृषि ड्रोन एक मानव रहित हवाई वाहन है जो फसल उत्पादन बढ़ाने और फसल की वृद्धि की निगरानी करने में मदद करने के लिए खेती के लिए लागू किया जाता है। सेंसर और डिजिटल इमेजिंग क्षमताएं किसानों को उनके खेतों की समृद्ध तस्वीर दे सकती हैं। Agriculture Drone किसानों को अपने खेतों को आसमान से देखने के लिए वीडियो और फोटो देता हैं।

Drone advantage Agriculture Technology – ड्रोन के लाभ

  1. किसानों को भूमि पर स्प्रे करते समय होने वाले हिटस्ट्रॉक और जहर से बचाता है ।
  2. इसके माध्यम से प्रति दिन 50 से लेकर 100 एकड़ तक का छिड़काव किया जा सकता है ।
  3. इसके कार्य सिमा निचित की जाती है जिससे दूसरी फसलो, जल, और मृदा सुरक्षा भी होती है ।
  4. 30% तक कि कीटनाशको की बचत ।
  5. पानी की बचत करता है drone । पारम्परिक छिड़काव विधि की तुलना में 90% पानी बचाया जा सकता है । अल्ट्रा लौ वॉल्यूम छिड़काव तकनीक का उपयोग करके यह संभव है ।
  6. कम लागत:- पारम्परिक छड़काव विधि की तुलना में  लागत में 90% की कमी है ।
  7. फसल को नुकसान नही पहुंचता:- पारम्परिक विधि से रसायनों का छिड़काव करने के लिए फसल के बीच से गुजरना पड़ता है जिसकी वजह से फसल को नुकसान पहुंचता है और drone technology के द्वारा इस नुकसान को रोक जा सकता है ।
  8. उपयोग करने में रख रखाव में आसान है drone
  9. टैंक क्षमता – 10 से लेकर 15 लीटर तक कि टैंक क्षमता वाले ड्रोन बड़ी आसानी से उड़ान भर के आपके खेत को मिनटों में छिड़काव कर सकते है ।

Features – विशेषताएं

  1. कुशलता – एक ही समय में अधिक भूमि का छिड़काव कर सकते है ।
  2. प्रभावी – कीटनाशक कोहरे को सीधे फसल के सभी स्तरों पर स्प्रे किया जा सकता है ।
  3. संचालित करने में आसान – ड्रोन को संचालित करना कोई मुश्किल काम नही है । हल्की से ट्रेनिंग लेकर ही आप इसका आसानी से इस्तेमाल कर पाओगे ।
  4. लगातार काम करता है – आधुनिक टेक्नॉलजी से तैयार ये कॉप्टर लगातार घंटो तक काम करने में सक्षम होते है जोकि एक इंसान नही कर सकता ।
  5. परिवहन के लिए आसान – इसको कही भी ले जाना और लाना आसान है । इसके फोल्डिंग फ्रेम होते है ।

Specification – विशिष्टता

  • 15 लीटर के टैंक वाले ड्रोन में कुल भार 17kg तक
  • 36kg कम से कम और 47kg ज्यादा से ज्यादा भार उड़ा कर ले जा सकता है।
  • उड़ान का समय 10 से 15min.
  • Flying radius 0 से 1000m
  • उड़ान की ऊंचाई 0 से 30 मीटर
  • उड़ान की गति 0 से 12 मीटर प्रति सेकंड
  • काम करते समय तापमान क्षमता -10℃ से 70℃ तक
  • छिड़काव करने की गति 0 – 8/s
  • निर्धारित क्षेत्र छिड़काव के लिए एक बार में चौड़ाई 5 से 7 मीटर नोजल संख्या 4
  • 2 – 2.5 लीटर प्रति मिनट के हिसाब से छिड़काव करता है ।
Agriculture Technology
Agriculture Technology Drones Take Advantage Of

ये एक बैटरी के द्वारा चलने वाला उपकरण है इसका आकार फैलाव वाला होता है । इसको रिमोट के माध्यम से काबू किया जाता है । ड्रोन की बैटरी क्षमता अलग अलग प्रकार की होती है उसकी गुणवत्ता के आधार पर ।

How to use agricultural drone technology

कृषि ड्रोन तकनीक का उपयोग कैसे करें – Agriculture Technology

ये एक बुद्धिमान उपकरण होता है। इसको काम मे लाने के लिए लैपटॉप के माध्यम से कार्य क्षेत्र का एक नक्शा तैयार किया जाता है। ये ड्रोन कंपनी के द्वारा दिए गए टेक्नीकी सॉफ्टवेयर के माध्यम से पूरा किया जाता है। इस विधि को मैपिंग का नाम दिया गया है। मैपिंग के बाद पूरी जानकारी को Drone के लिए अपलोड कर दिया जाता है। ड्रोन मैपिंग मैं दिए गए दिशा निर्देशों के हिसाब से अपनी सिमा क्षेत्र के अंदर कार्य को बड़ी तेज़ी के साथ पूरा करता है।

फसलों में drone technology का इस्तेमाल

  • फसलों में दवा यानी spray करने में कारगर है ये ड्रोन ।
  • किसी भी फसल में रोग का पता लगाना आसान है drone की मदद से ।
  • किन पोषक तत्वों की कमी हो रही है फसल में ये भी पता लगाता है drone
  • रोगग्रस्त पोधो की पहचान कराता है drone
  • किसी तरह की आपदा से नष्ट होने वाली फसल में नुकसान का अंदाजा लगाता है drone
Agriculture Technology
Agriculture Technology Drones Take Advantage Of

भारत में Drone का इस्तेमाल – Agriculture Technology

महाराष्ट्र के बहुत से किसान drone technology की मदद से अपनी फसलो में बेहतर सुधार लाने और उपज को बढ़ाने के लिए कर रहे है । किसान गन्ना, अनार, अंगूर, केले, पपीते, बागवानी जैसी खेती में इसका लाभ ले रहे है यहां तक कि चाय की खेती में भी Drone Technology का भरपूर लाभ लिया जा रहा है ।

एक सुझाव

कृषि में किसी भी प्रकार के नवीनीकरण के बारे में किसान को जानकारी जरूर प्राप्त करनी चाहिए।

निष्कर्ष:

Agriculture Technology Drone | के बारे में जानकारी आपको कैसी लगी क्या आपको इस लेख के माध्यम से कुछ नयी तकनीक के बारे में जानकारी मिली। हमें जरूर बताये कमेंट के माध्यम से या ईमेल के द्वारा आप हमसे संपर्क कर सकते है।

Agriculture Technology Whatsapp  Group

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